प्रोपर्टी डिलिंग और शेयर टे्रडर्स कारोबारी से 1.5 करोड़ की ठगी
- शातिरों ने बड़े मुनाफे का दिखाया सब्जबाग
- तीन कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज कराया, पुलिस जुटी जांच में
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज़),शहर के एक प्रोपर्टी डिलिंग और शेयर ट्रेडर्स कारोबारी से शातिरों ने 1.5 करोड़ की ठगी कर ली। लुटेपिटे ट्रेडर्स ने अब शास्त्रीनगर थाने में रिपोर्ट दी है। जिस पर पुलिस ने अब जांच आरंभ की है। पीडि़त ने तीन कंपनियों को नामजद किया है। यह फर्जी है अथवा सही है इसका पता जांच के बाद ही चल पाएगा।
शास्त्रीनगर पुलिस ने बताया कि पाल रोड पर सुभाष नगर स्थित सुभाष विहार में रहने वाले लीलाधर खत्री पुत्र सोहनराज खत्री ने रिपोर्ट दी है। इसमें बताया कि वह राजस्थान प्रोपर्टी डिलिंग और शेयर बाजार में ट्रेडिंग का काम करता है। 15 अक्टूबर 25 वह अपने फेसबुक आईडी चला रहा था। तब उसने फायर्स सिक्योरटीज के नाम कंपनी का विज्ञापन देखा था,जो खुद को सेबी से कनेक्ट और शेयर बाजार में अच्छे रिटर्न की बात कह रही थी। इस पर बाद में उसके द्वारा ग्रुप को जाइंन किया गया और एक महिला नैना वर्मा जिसने खुद को कंपनी का सहायक बताया था और कॉल किया। उसने बातों में उलझाने के साथ इंवेस्टमेंट के नाम पर बात की। उसने फिर सर्विस मैनेजर विक्रम नायर से बात करवाई। इनकी बातों में आकर उसने 75 लाख 85 हजार 820 रूपए इंवेस्ट कर दिए। जो बाद में मुनाफ के तौर पर 9 करोड़ 33 लाख 65 हजार रुपए बता रहे थे। मगर इन रुपयों को विड्राल करने के लिए उससे 1.95 लाख रुपए मांगे गए।
शेयर बाजार में इंवेस्टमेंट के नाम पर 34 लाख का फ्रॉड,केस दर्ज
नैना वर्मा ने अपनी तरफ से 30 लाख और कंपनी की तरफ से 80 लाख रुपए खाते में डालना बताया। मगर 9 करोड़ विड्राल करने के लिए वापिस उक्त रकम को डालने को कहा गया। फिर उसने इधर उधर से कर रुपए उनके खाते में भिजवाए। 24 दिसम्बर को उसे ग्रुप से रिमूव कर दिया गया। इसी तरह एक अन्य शेयर ट्रेडिंग कंपनी वेंचुरा सिक्योरिटी ने भी फ्रॉड का शिकार बनाया और 5 नवंबर को 69.10 लाख रुपए इंवेस्ट कराए गए। यहां पर उसकी पहचान वृतिका आनंद से हुई थी जिसके बताए अनुसार रुपए इंवेस्ट किए गए थे। उसके द्वारा जमा कराई रकम को बाद में 5 करोड़ 42 लाख 802 रुपए दर्शाया गया, मगर उन लोगों ने भी ठगी का शिकार बनाया। जबकि तीसरे अन्य कंपनी जो एक्सेल इंवेस्टमेंट नाम से थी,उसमें 3.95 लाख ट्रांसफर किए गए। उक्त तीनों कंपनियों ने खुद को सेबी से कनेक्ट और रजिस्टर्ड होना बताया था। इस तरह शातिरों ने उससे 1.5 करोड़ रुपए इंवेस्टमेंट के नाम पर ऐंठ लिए।
