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शादी बुकिंग राशि लौटाने का ट्रस्ट को आदेश जारी

राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),शादी बुकिंग राशि लौटाने का ट्रस्ट को आदेश जारी। राज्य उपभोक्ता आयोग जोधपुर के द्वारा श्रीशनिचर थान ट्रस्ट द्वारा प्रस्तुत अपील को आयोग ने अस्वीकार करते हुए बुकिंग राशि उपभोक्ता सुनीता शर्मा को देने के आदेश पारित किए हैं।

आयोग के सदस्य न्यायिक निर्मल सिंह मेड़तवाल एवं सदस्य लियाकत अली के समक्ष श्रीशनिचर थान ट्रस्ट द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग के द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध अपील प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि जिला आयोग के समक्ष सुनीता शर्मा ने परिवाद प्रस्तुत किया था,जिसमें उन्होंने बताया कि अपनी बेटी की शादी के लिए ट्रस्ट परिसर का नोहरा एवं हॉल 25000 रुपए अग्रिम देकर फरवरी 2020 में बुक करवाया था। शादी मई 2021 में होनी थी तथा बाद में विपक्षी की मांग पर एक लाख 18 हजार रुपए चेक के जरिए जमा करवाए गए।

कोविड-19 कोरोना महामारी के प्रसार के कारण लॉकडाउन हो गया तथा कुछ नियंत्रण लगा दिए गए इस कारण शादी कुछ समय के लिए रोक दी गई। बाद में नई तारीखें एक व दो मई 2021 तय की गई तथा पुन: कोविड की दूसरी लहर के कारण राज्य सरकार ने परिपत्र जारी कर प्रतिबंध लगा दिया। इस परिपत्र में यह भी उल्लेख किया था कि किसी ने विवाह,हॉल के लिए राशि जमा करा दी है तो उसे पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। परिवादिया ने जमा राशि वापस करने के लिए निवेदन किया परंतु 25000 ही रिफंड की गई,शेष जमा राशि नहीं लौटाई। जिला आयोग ने परिवादिया का परिवाद स्वीकार किया।

आयोग के निर्णय के विरुद्ध विपक्षी ट्रस्ट ने राज्य आयोग के समक्ष अपील प्रस्तुत करते हुए जिला आयोग के निर्णय को अस्वीकार करने की प्रार्थना करते हुए बताया कि परिवादिया द्वारा निर्धारित समारोह के समय किसी तरह का प्रतिबंध नहीं था। परिवादिया ने बुकिंग निरस्ती का कोई नोटिस भी नहीं दिया।

विवाह संस्था पर मंडराती स्वछंदता की छाया

बुकिंग फॉर्म की पुश्त पर लिखी गई शर्त के अनुसार केवल सिक्योरिटी राशि लौटने का ही प्रावधान है। परिवादिया द्वारा जमा करवाई गई राशि में से 18000 रुपए जीएसटी की राशि राज्य सरकार के खाते में जमा करवाई गई थी। अपील में यह भी बताया कि एक एक व दो 2021 को राज्य सरकार ने शादी समारोह नहीं करने बाबत कोई गाइडलाइन जारी नहीं की थी। परिवादिया ने 6 मई 2021 को जारी की गई जिस गाइडलाइन का उल्लेख किया है, वह इस मामले में लागू नहीं होती है, क्योंकि शादी एक व दो मई 2021 को थी। परिवादिया ने ट्रस्ट की शर्त स्वीकार किया था तथा राशि नॉन रिफंडेबल थी,अपील स्वीकार करने की प्रार्थना की।

बहस के दौरान यह परिवादिया की ओर से बताया गया की 29 अप्रैल 2021 की गाइडलाइन में 50 व्यक्तियों की सहभागिता को स्वीकृत किया गया था। 6 मई 2021 का आदेश राज्य सरकार ने आदेशों की निरंतरता में जारी किया है जिसमें मैरिज गार्डन को एडवांस राशि वापस लौटने के आदेश दिए गए थे। राज्य आयोग ने गाइडलाइन के अनुसार 50 व्यक्तियों की शादी में सम्मिलित होने की छूट दी गई इसी कारण से परिवादिया ने समारोह को स्थगित किया था।

आयोग ने परिवादिया के तर्क को उचित मानते हुए जिला आयोग के निर्णय में संशोधन करते हुए जीएसटी की राशि को वापस दिलाने को उचित नहीं मानते हुए 118000 के स्थान पर 100000 की राशि पर परिवाद प्रस्तुत किए जाने की तिथि से 6 फीसदी की दर से ब्याज दर के अनुसार 2 माह की अवधि में भुगतान करने का आदेश पारित किया। अपीलार्थी की ओर से हिमांशु सोलंकी अधिवक्ता एवं परिवादिया की ओर से महेंद्र पारीक अधिवक्ता उपस्थित हुए।