NMOPS की नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुरानी पेंशन हेतु आक्रोश रैली
जोधपुर से प्रदेश महासचिव जगदीश यादव तथा जोधपुर प्रभारी मालाराम डूडी सहित सैकड़ों कर्मचारियों ने की भागीदारी
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),NMOPS की नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुरानी पेंशन हेतु आक्रोश रैली। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक ऐतिहासिक पेंशन रैली की,जिसमें सभी केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल करने की अपनी वर्षों से लंबित एक मात्र मांग को दोहराया गया।
NMOPS के नेशनल प्रेसिडेंट विजय कुमार बंधु की लीडरशिप में हुई इस रैली में अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के हजारों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया,जिससे यह हाल के सालों में पेंशन न्याय के लिए देश भर में हुए सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक बन गया।
एजुकेशन,हेल्थ,रेवेन्यू,पुलिस, PWD,रूरल डेवलपमेंट और सोशल वेलफेयर समेत अलग-अलग डिपार्टमेंट के कर्मचारी बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के खिलाफ एक साथ आवाज उठाई।
सभा को संबोधित करते हुए,विजय कुमार बंधु ने कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम कोई सामान्य मांग नहीं है, यह एक अधिकार है। सरकारी कर्मचारी अपनी पूरी ज़िंदगी देश की सेवा करते हैं। उन्हें गारंटीड पेंशन से मना करना गलत है। NMOPS तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक पुरानी पेंशन सभी के लिए बहाल नहीं हो जाती।
जोधपुर से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं प्रदेश महासचिव जगदीश यादव ने कहा कि NPS और UPS दोनों ही लंबे समय तक फाइनेंशियल सिक्योरिटी देने में फेल रहे हैं,जिससे रिटायर्ड कर्मचारी ज़िंदगी के ज़रूरी पड़ावों पर कमज़ोर पड़ जाते हैं। जोधपुर जिला प्रभारी मालाराम डूडी ने कहा कि राजस्थान में हालांकि पुरानी पेंशन लागू हो गई है लेकिन संकट के बादल मंडरा रहे हैं, क्योंकि हाल ही में सरकार ने एक आदेश जारी करके स्वायत्त शासी संस्थानों में पुरानी पेंशन की जगह एनपीएस या यूपीएस लागू करने का आदेश जारी किया है।
केंद्र सरकार 3 साल बाद भी एनपीएस का 45 हजार करोड़ का फंड कर्मचारियों को नहीं लौटा रही है। जिसके लिए राज्य के समस्त कर्मचारी अधिकारी संघर्षरत है। NMOPS के अलग-अलग राज्यों के नेताओं,स्टेट प्रेसिडेंट,प्रोविंशियल यूनिट,महिला विंग,यूथ विंग और ज़िला-ब्लॉक कमेटियों ने प्रभावी तरीके से अपनी बात रखी और भारत सरकार से NPS/UPS को रद्द करने और तय-बेनिफिट वाली पुरानी पेंशन स्कीम को फिर से लागू करने की अपील की।
सभी का एक ही स्लोगन “No NPS, No UPS, Only OPS”, पुरानी पेंशन बहाल करो और “OPS हमारी सिक्योरिटी है,OPS हमारा भविष्य है। जैसे ज़ोरदार नारे लगाए, जो पूरे भारत में लाखों कर्मचारियों की मिली-जुली भावना और आक्रोश को दिखाते हैं। प्रदेश महासचिव जगदीश यादव ने एनपीएस यूपीएस और ओपीएस पर प्रकाश डालते हुए बताया।
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-एनपीएस तथा यूपीएस कंट्रीब्यूटरी पेंशन है जिसमें कर्मचारियों को कंट्रीब्यूशन करना पड़ता है जबकि ओपीएस में किसी प्रकार का कॉन्ट्रिब्यूशन नहीं करना पड़ता।
-ओपीएस में निश्चित पेंशन का प्रावधान है जबकि एनपीएस में पेंशन निश्चित नहीं है तथा यूपीएस में पेंशन फंड को सरकार रख लेती है।
-पुरानी पेंशन में काॅम्यूटेशन का प्रावधान है जबकि एनपीएस यूपीएस दोनों में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है।
-पुरानी पेंशन में ग्रेच्युटी का प्रावधान है जबकि एनपीएस यूपीएस में यह प्रावधान अस्थाई रूप से है।
-पुरानी पेंशन में महंगाई भत्ते और पे कमिशन का प्रावधान है जबकि एनपीएस में महंगाई भत्ते और पे कमीशन का प्रावधान नहीं है यूपीएस में महंगाई भत्ते का प्रावधान है जबकि पे कमीशन का प्रावधान नहीं है।
-पुरानी पेंशन में फैमिली पेंशन का प्रावधान है जबकि एनपीएस में इसका कोई प्रावधान नहीं है।
-पुरानी पेंशन में स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ले सकते हैं जबकि एनपीएस यूपीएस में इसका प्रावधान नहीं है।
दिल्ली में आक्रोश रैली में भाग लेने के लिए जोधपुर से जगदीश यादव, मालाराम डूडी,घमंडा राम,उम्मेदा राम,लूणाराम लोल बेरु,श्रवण कुमार विश्नोई,बाबूलाल चौधरी,सुरजाराम बिश्नोई,दिनेश कुमार गौड़ सहित सैकड़ो कर्मचारियों ने भाग लिया।
