एमबीएम विवि.में राष्ट्रीय जलशक्ति हैकाथॉन कार्यशाला सम्पन्न

350 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एमबीएम विवि.में राष्ट्रीय जलशक्ति हैकाथॉन कार्यशाला सम्पन्न। जल सुरक्षा और सतत जल प्रबंधन को विकसित भारत- 2047 की आधारशिला बताते हुए एमबीएम विश्वविद्यालय, जोधपुर में आयोजित जल शक्ति हैकाथॉन-2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय कार्यशाला में विद्यार्थियों,वैज्ञानिकों,उद्योग जगत एवं नीति क्षेत्र के विशेषज्ञों ने जल क्षेत्र में नवाचार आधारित समाधानों पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं एमबीएम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अजय कुमार शर्मा ने कहा कि भारत सरकार के विकसित भारत-2047 विज़न में जल संसाधनों का सतत प्रबंधन,भूजल संरक्षण,जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन तथा जल उपयोग दक्षता को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। जल शक्ति हैकाथॉन इसी सोच को ज़मीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक सशक्त पहल है।

विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी आर्किटेक्ट कमलेश कुम्हार ने बताया कि यह कार्यशाला जल संसाधन,नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग,जल शक्ति मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा प्रायोजित तथा राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के निदेशक के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र,जोधपुर एवं एमबीएम विश्वविद्यालय,जोधपुर द्वारा किया गया।

कार्यशाला का आयोजन एमबीएम विश्वविद्यालय के सभागार में किया गया, जिसमें 350 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें विद्यार्थी,शोधार्थी, वैज्ञानिक,अकादमिक विशेषज्ञ,उद्योग प्रतिनिधि,जिला प्रशासन,नगर निगम, जोधपुर विकास प्राधिकरण,राज्य प्रदूषण नियंत्रण विभाग, MSME,स्टार्ट अप्स, गैर-सरकारी संगठन,सिविल सोसायटी एवं नीति-निर्माता शामिल रहे।

कार्यक्रम में एमबीएम विश्वविद्यालय, आईआईटी जोधपुर, कृषि विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों से आए विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने ऑन स्पॉट पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी लाइव डेमो के माध्यम से प्राप्त की।विशिष्ट अतिथि के रूप में अरुण कुमार सिडाना, मुख्य अभियंता,जल संसाधन विभाग जोधपुर,डॉ.जयश्री वाजपेयी डीन फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एवं आर्किटेक्चर, एमबीएम विश्वविद्यालय,शंकर लाल पालीवाल,अतिरिक्त आयुक्त,उद्योग एवं वाणिज्य विभाग,राजस्थान सरकार तथा अनुराग लोहिया अध्यक्ष,जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने भी अपने विचार साझा किए।

आयोजन समिति के संयोजक डॉ.सुरेश के.सिंह प्रोफेसर एमबीएम विश्वविद्यालय ने कहा कि प्राचीन भारत में जल विज्ञान सम्बंधित ज्ञान का वर्णन हमारे वेदों शास्त्रों में है,आधुनिक समय की मांग के अनुरूप हमें नवाचार हेतु इनमें वर्णित ज्ञान संग्रह उपयोग मैं लाना होगा जिससे आम जन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

मुख्य समन्वयक डॉ.सौरभ नेमा, वैज्ञानिक सी एवं प्रभारी,उत्तर- पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र,जोधपुर ने बताया कि जल शक्ति हैकाथॉन युवाओं,शोधकर्ताओं और उद्योग जगत को जल क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के लिए नवाचार आधारित, व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान विकसित करने का एक प्रभावी मंच प्रदान करता है।MSME प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार जैन ने कहा कि उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से ही जल क्षेत्र में स्थायी समाधान संभव हैं और नवाचार को बढ़ावा देकर मिशन-2047 के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।

विशेषज्ञ सत्रों में डॉ.दीपक स्वामी (IIT Jodhpur),डॉ.मोनिका दुबे (IIT Jodhpur),रीना बोहरा (CGWB),डॉ. पीएस राठौर (GWD),डॉ.किरण भूट (JIET) और लीना चौहान (GRAVIS) ने उन्नत तकनीकी समाधानों पर अपने विचार रखे,जल क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की तथा सामुदायिक जल संरक्षण के अनुभव साझा किए।

शील्ड विजेताओं का जोधपुर स्टेशन पर जोरदार स्वागत

कार्यक्रम में दिलीप बर्मन, वैज्ञानिक-बी ने Bharat WIN पोर्टल का लाइव डेमो प्रस्तुत किया तथा पंजीकरण प्रक्रिया समझाई। प्रतिभागियों को बताया गया कि जल शक्ति हैकाथॉन- 2025 के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 जनवरी 2026 है। चयनित प्रस्तावों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति का अवसर मिलेगा तथा प्रत्येक विजेता को ₹1 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा। आयोजन में उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र,जोधपुर एवं एमबीएम विश्वविद्यालय के आयोजन समिति सचिव तथा उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र के वैज्ञानिक मलखान सिंह जाटव, दिलीप बर्मन,अक्षय वेंकट दहिवाले व एमबीएम विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य आर्किटेक्ट कमलेश कुम्हार,उमेश कुमार,नागेन्द्र सिंह औऱ अभिषेक गौर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संचालन आयोजन सचिव सुदेश सिंह चौधरी ने किया।

Related posts: