जोधपुर डिस्कॉम में निजीकरण के विरुद्ध आंदोलन तेज

  • उपखंड स्तर पर गूंजा विरोध
  • सिरोही,गंगानगर,चूरू और जोधपुर ग्रामीण सहित सभी सर्किलों में हजारों बिजली कार्मिकों ने संभाला मोर्चा
  • कल से जारी प्रदर्शन

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जोधपुर डिस्कॉम में निजीकरण के विरुद्ध आंदोलन तेज। जोधपुर विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरुद्ध संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को डिस्कॉम के अंतर्गत आने वाले सभी 14 जिलों में अभूतपूर्व कार्य बहिष्कार कर धरना और विरोध प्रदर्शन किया गया।

डिस्कॉम के प्रत्येक उपखंड (Sub-division)डिवीजन और वृत्त (Circle) कार्यालय पर तकनीकी कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक ने लामबंद होकर राज्य सरकार की ‘निजीकरण नीति’ के खिलाफ हुंकार भरी और मुख्यमंत्री व प्रबंध निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रमुख घटनाक्रम और व्यापकता
आज के विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र जोधपुर शहर,जोधपुर ग्रामीण, सिरोही,हनुमानगढ़ और चूरू थे, जहाँ कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर और नारेबाजी कर कार्यालयों के बाहर धरना व प्रदर्शन किया। जोधपुर डिस्कॉम के इतिहास में यह पहली बार देखा गया जब सभी 14 जिलों के 192 छोटे-बड़े उपखंड पर एक साथ मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारियों का स्पष्ट संदेश है कि जोधपुर डिस्कॉम को ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के नाम पर निजी हाथों की कठपुतली नहीं बनने दिया जाएगा।

ज्ञापन के मुख्य बिंदु एवं गंभीर तर्क
RDSS के ₹6000 करोड़ का संरक्षण संघर्ष समिति ने पुरजोर तरीके से मांग उठाई कि जब केंद्र और राज्य सरकार ₹6000 करोड़ की भारी राशि से डिस्कॉम का बुनियादी ढांचा (Infrastructure) तैयार कर रही है,तो उस तैयार नेटवर्क को निजी कंपनियों को मुनाफा कमाने के लिए सौंपना जनता के साथ विश्वासघात है।

विवेकानन्द स्मारक के नवीनीकरण एवं सौन्दर्यकरण का लोकार्पण

विफल मॉडल्स का हवाला
ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि कोटा,बीकानेर और भरतपुर में निजी फ्रेंचाइजी मॉडल पूरी तरह विफल रहा है। निजी कंपनियां केवल मलाईदार क्षेत्रों का लाभ उठाती हैं और संकट के समय जिम्मेदारी से भाग जाती हैं।

उपभोक्ता विरोधी नीति
निजीकरण से न केवल कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय होगा, बल्कि किसानों की सब्सिडी और आम उपभोक्ताओं की सस्ती बिजली पर भी सीधा प्रहार होगा।

कल भी जारी रहेगा संघर्ष
संयुक्त संघर्ष समिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध केवल प्रतीकात्मक नहीं है। कल भी संपूर्ण जोधपुर डिस्कॉम में इसी प्रकार का उग्र विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। यदि सरकार ने निजीकरण के इस आत्मघाती कदम को तुरंत वापस नहीं लिया,तो संघर्ष समिति आगामी दिनों 15 अप्रेल को अधीक्षण अभियंता कार्यालयों पर घेराव व पूर्ण कार्य बहिष्कार व 30 अप्रेल को प्रबंध निदेशक कार्यालय के घेराव के साथ और बिजली ठप करने जैसे कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होगी।

एकजुटता की अपील
आज के सफल प्रदर्शन के बाद संघर्ष समिति ने सभी संविदा कर्मियों ठेका कर्मियों,तकनीकी स्टाफ मंत्रयालिक लेखा इंजीनियर और अधिकारियों को सन्देश देते हुए आह्वान किया है कि जब तक निजीकरण रूपी तलवार नहीं हटती,तब तक कोई भी पीछे नहीं हटेगा। उमेदाराम,जगदीश दाधीच, हुकमचंद,विशन वैष्णव,मनोज सैनी,लिखमाराम,रामप्रकाश, विनोद सोनी,शमीम प्रकाश भाटी आदि डिस्कॉम नेताओं ने एकजुटता की अपील की है।