जोधपुर,अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि मानवाधिकार सामाजिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। आजादी, समानता और न्याय जैसे मूलभूत अधिकारों के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मानवाधिकार समाज की आधारशिला होते हैं। प्रदेश को प्रगति के नए सोपान पर पहुंचाने के लिए यह आवश्यक है कि सभी के मानवाधिकार सुरक्षित एवं संरक्षित रहें। राज्य सरकार प्रत्येक व्यक्ति को विकास के लिए समान अवसर प्रदान करने के साथ-साथ सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है। मानवाधिकार की रक्षा केवल कानून से संभव नहीं है। इसके लिए हम सभी को एक-दूसरे के विचारों और अधिकारों के प्रति जागरूक और संवेदनशील होना होगा। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के इस मौके पर मुख्यमंत्री गहलोत ने अपील की है कि सभी एक-दूसरे के अधिकारों का सम्मान करें।
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