नन्हे कलाकारों ने जगाया देशभक्ति का जज़्बा
- पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2026
- देशभक्ति और संस्कृति से सजी बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियां
- फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता बनी बच्चों की प्रतिभा और परंपरा का उत्सव
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),नन्हे कलाकारों ने जगाया देशभक्ति का जज़्बा। शहर के रामलीला मैदान में आयोजित हो रहे पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2026 के अंतर्गत सोमवार को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का रंगारंग आयोजन किया गया। लघु उद्योग भारती महिला इकाई की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में बच्चों का उत्साह, आत्मविश्वास और रचनात्मकता देखते ही बन रही थी। जैसे ही नन्हे प्रतिभागी विविध परिधानों में मंच पर उतरे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।
मेला सह-संयोजक मीनू दुग्गड ने बताया कि प्रतियोगिता में 30 से अधिक बच्चों ने भाग लिया,जिन्होंने देशभक्ति,परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में एसीपी छवि शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि शास्त्री नगर थानाधिकारी जुल्फिकार अली विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उत्सव सह संयोजक मोना हरवानी ने बताया कि रश्मि परिहार एवं कपिल मधुकर ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
अतिथि देवो भव: पर्यटकों को लेकर पुलिस अलर्ट मोड़ पर
प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने व्योमिक सिंह,भारत माता,झांसी की रानी लक्ष्मीबाई,आर्मी,ग्रामीण परिधान,पंजाबी वेशभूषा सहित विभिन्न आकर्षक रूपों में प्रस्तुति दी।प्रतियोगिता समन्वयक निशा पंवार ने बताया कि पारंपरिक राजस्थानी परिधानों में सजी नन्ही बालिकाओं ने दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं कुछ बच्चों ने आधुनिक परिधानों के माध्यम से अपनी सशक्त सोच का परिचय दिया।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती महिला इकाई की प्रांत सचिव बिंदु जैन,कंचन लोहिया,सह-समन्वयक शिल्पा अग्रवाल,सह-सचिव निधि सिंह,कार्यकारिणी सदस्य मिनाक्षी हर्ष, सुधा गर्ग,रिनू जैन,चंदा मित्तल एवं रिचा डागा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।
प्रतियोगिता परिणाम
कार्यक्रम समन्वयक रश्मि शर्मा ने बताया कि व्योमिक सिंह की वेशभूषा पहनकर सभी को प्रभावित करने वाली हृदया पुरोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में सजी दुर्गा चौहान को द्वितीय स्थान मिला, जबकि भारत माता के स्वरूप में मंच पर उतरी वंशिका ने तृतीय स्थान हासिल किया। मॉडल बनी अवनी शर्मा एवं भारतीय परिधान में सजी प्रियांशी चौहान को सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
