बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सीमा ज्ञान के लिए होगा ज्वॉइंट सर्वे-वन राज्य मंत्री
जयपुर(दूरदृष्टीन्यूज),बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सीमा ज्ञान के लिए होगा ज्वॉइंट सर्वे-वन राज्य मंत्री।वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने गुरुवार को विधान सभा में कहा कि विधानसभा क्षेत्र बिलाड़ा के विभिन्न खंडों में वन भूमि के डिमार्केशन के लिए पिलर स्थापित हैं। शेष वन खंडों में सीमांकन होने तथा बजट की उपलब्धता के आधार पर डिमार्केशन के लिए पिलर निर्माण के कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिलाड़ा में ज्वॉइंट सर्वे करवा कर सीमाज्ञान करवाया जाएगा।
वन राज्य मंत्री शर्मा प्रश्नकाल के दौरान सदस्य अर्जुन लाल द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र बिलाड़ा में पिछले वर्ष 5 वर्षों में 25 हजार पौधा रोपण किया गया है। यहां की ग्राम पंचायत हरियाड़ा में गत वर्षों में 2.06 लाख रुपये से 6.50 हेक्टेयर वन भूमि से जुली फ्लोरा का उन्मूलन करवाया गया है।
उन्होंने बताया कि वन संरक्षण एवं संवर्धन नियम-1980 के तहत वन भूमि में वर्ष 1980 से पहले से बसी बस्तियों के लिए केवल पानी,सड़क, बिजली,शिक्षा आदि जन उपयोगी कार्यों के लिए ही अनुमति दी जा सकती है।
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इससे पहले विधायक अर्जुन लाल के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में वन राज्य मंत्री ने बताया कि वन विभाग के नाम तहसील जोधपुर,बिलाड़ा,पीपाड़ शहर एवं लूणी में भूमि आरक्षित है तथा कुड़ी भगतासनी तहसील में वन भूमि आरक्षित नहीं है। उन्होंने इन तहसीलों में आरक्षित वन भूमि का ग्रामवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि इन वन खण्डों में अवैध अतिक्रमण एवं अवैध खनन संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने इसका विस्तृत विवरण तथा विभागीय कार्मिकों के निरीक्षण के दौरान संज्ञान में आए अवैध अतिक्रमण एवं अवैध खनन पर वर्ष 2024 एवं 2025 में की गयी कार्रवाई का विवरण सदन के पटल पर रखा।
शर्मा ने बताया कि वन भूमि पर गैर वानिकी कार्य हेतु भारत सरकार द्वारा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम 1980 के तहत जनोपयोगी कार्यों के लिए अनुमति प्रदान की जाती है। उन्होंने वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 की प्रति सदन की मेज पर रखी।
