रीको के ₹750 करोड़ रिफाइनरी निवेश प्रस्ताव पर जेआईए का कड़ा विरोध
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),रीको के ₹750 करोड़ रिफाइनरी निवेश प्रस्ताव पर जेआईए का कड़ा विरोध। जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने रीको के प्रस्तावित लगभग ₹750 करोड़ के रिफाइनरी प्रोजेक्ट में निवेश के निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस संबंध में जेआईए ने उद्योग मंत्री, राजस्थान एवं प्रबंध निदेशक रीको को विस्तृत निवेदन पत्र प्रेषित कर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है।
जेआईए अध्यक्ष अनुराग लोहिया ने बताया कि रीको का मुख्य दायित्व राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों में समय बद्ध एवं उच्च स्तरीय आधारभूत संरचना का विकास करना है। किंतु निधियों की कमी के कारण विकास कार्यों में अत्यधिक विलंब हो रहा है।उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कांकाणी औद्योगिक क्षेत्र को विकसित होने में 10 वर्ष से अधिक का समय लग चुका है,जबकि भूमि अधिग्रहण के बाद भी आवश्यक सुविधाएं जैसे सड़क,विद्युत लाइन, ड्रेनेज एवं एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट आज तक पूर्ण नहीं हो पाए हैं। इसी प्रकार रोहट औद्योगिक कॉरिडोर की घोषणा 15 वर्ष पूर्व होने एवं भूमि अधिग्रहण 5 वर्ष पूर्व होने के बावजूद भी वहां कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ है,जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशक आकर्षित नहीं हो पा रहे हैं।
खाखरे से दाल पकवान एवं चाट बनाना सिखाया
जेआईए सचिव सोनू भार्गव ने कहा कि रिफाइनरी का उत्पादन शीघ्र प्रारंभ होने वाला है,ऐसे में बालोतरा एवं बालोतरा-जोधपुर मार्ग पर तत्काल एफ्लुएंट ट्रीटमेंट सुविधा युक्त विकसित भूमि उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है,अन्यथा डाउनस्ट्रीम केमिकल उद्योग गुजरात जैसे विकसित क्षेत्रों की ओर पलायन कर जाएंगे। इसके अतिरिक्त,वर्तमान औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का रख- रखाव अत्यंत खराब स्थिति में है। सड़कों की दुर्दशा,सफाई व्यवस्था एवं स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं भी संतोषजनक नहीं हैं। सुधार हेतु बार-बार अनुरोध करने पर भी अधिकारियों द्वारा धनाभाव का हवाला दिया जाता है।
जेआईए ने राज्य सरकार से मांग की है कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास एवं मौजूदा क्षेत्रों के रख- रखाव एवं उन्नयन पर प्राथमिकता से किया जाए,न कि एचपीसीएल रिफाइनरी जैसे उपक्रमों में निवेश के रूप में। एसोसिएशन ने इस विषय में राज्य सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर उद्योगों के हित में उचित निर्णय लेने की अपेक्षा की है।
