जगत्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य शनिवार को जोधपुर आएंगे

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जगत्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य शनिवार को जोधपुर आएंगे। पदम विभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगत्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज शनिवार को हवाई मार्ग से जोधपुर आएंगे। वे जोधपुर एयरपोर्ट से सीधे गंगाणी स्थित माताराणी भटियाणी धाम जाएंगे।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार जगतगुरू रामभद्राचार्य महाराज शनिवार सुबह 11बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से सड़क से मार्ग से गंगाणी जाएंगे। यहां होने वाले नौ दिवसीय श्रीराम दरबार मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह कि विधिवत शुभारंभ करेंगे। यहां उनके प्रवचन भी होंगे। शाम 4:00 पुनः जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और हवाई मार्ग से प्रस्थान करेंगे।

इसे अवश्य पढ़िएगानौ दिवसीय रामदरबार मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह शनिवार से

पदम विभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगत्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी श्रीरामभद्राचार्य का संक्षिप्त परिचय
गुरु रामभद्राचार्य जन्म से सूरदास हैं। उन्होंने 230 किताबें लिखी हैं। श्रीराम जन्मभूमि मामले में उन्होंने हाई कोर्ट में 441 साक्ष्य देकर यह साबित किया कि भगवान श्रीराम का जन्म यहीं हुआ था। उनके द्वारा दिये गये 441साक्षों में से 437 को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। 300 वकीलों से भरी अदालत में विरोधी वकील ने जगद्‌गुरु श्रीरामभद्राचार्य को चुप कराने और बेचैन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

उनसे पूछा गया था कि क्या रामचरित मानस में रामजन्म भूमि का कोई जिक्र है? तब रामभद्राचार्य ने संत तुलसीदास की चौपाई सुनाई जिसमें श्रीराम जन्म भूमि का उल्लेख है। इसके बाद वकील ने पूछा कि वेदों में क्या प्रमाण है कि श्रीराम का जन्म यहीं हुआ था? जवाब में रामभदाचार्य ने कहा कि इसका प्रमाण अथर्ववेद के दूसरे मंत्र दशम कांड के 31वें अनुवाद में मिलता है। यह सुनकर न्यायाधीश की पीठ ने,जो एक मुस्लिम न्यायाधीश थे,ने कहा,”सर, आप एक दिव्य आत्मा है।”

जब सोनिया गांधी ने अदालत में हलफनामा दायर किया कि राम का जन्म नहीं हुआ था,तो रामभदाचार्य ने तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा आपके गुरुग्रन्थ साहिब में राम का नाम 5600 बार उल्लेखित है। ये सारी बातें रामभदाचार्यजी ने मशहूर टीवी चैनल के पत्रकार सुधीर चौधरी को दिए एक इंटरव्यू में बताई थी।एक बार प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने उनसे कहा कि मैं आपके दर्शन की व्यवस्था कर सकती हूं। तब उन्होंने ने उत्तर दिया,मैं दुनिया नहीं देखना चाहता। मैं भगवान श्रीराम को बहुत करीब से देखता हूं।


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