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एमडीएमएच में डीबीटी भुगतान में अनियमितता,9.42 लाख का फ्रॉड

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एमडीएमएच में डीबीटी भुगतान में अनियमितता, 9.42 लाख का फ्रॉड। मथुरादास माथुर (एमडीएम) चिकित्सालय में ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से लाभार्थी प्रसूताओं को किए गए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) भुगतान में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से शास्त्रीनगर थाने में रिपोर्ट दी गई है।

अधीक्षक डॉ.विकास राजपुरोहित द्वारा थानाधिकारी शास्त्रीनगर को भेजे गए पत्र के अनुसार संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं,जोन जोधपुर के पत्रांक 191-195 09 फरवरी 2026 के क्रम में राज्य स्तर पर की गई गहन समीक्षा में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की आशंका पाई गई।

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जिला स्तरीय जांच दल की प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि अगस्त 2015 से मार्च 2025 की अवधि के दौरान जननी सुरक्षा योजना एवं राजश्री योजना के अंतर्गत ओजस सॉफ्टवेयर से किए गए भुगतानों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। जांच में भुगतान सत्यापन एवं स्वीकृति जारी करने वाले कार्मिकों की संभावित मिलीभगत भी सामने आई है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार संलग्न सूची में उल्लिखित बैंक खातों में 9,42,447 रुपए के गबन का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में एमडीएम अस्पताल में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर अनिल विश्नोई का नाम अभिलेखों से प्राप्त हुआ है। साथ ही अन्य संबंधित कार्मिकों की संलिप्तता से अधिक राशि के गबन की संभावना से भी इंकार नहीं किया गया है।अनुसंधान की जिम्मेदारी एएसआई चंचल प्रकाश को सौंपी गई है।