जोधपुर, भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने प्रदेश की सभी तहसीलों में ज्ञापन सौंपने के क्रम में आज जोधपुर के सभी तहसील मुख्यालयों पर एपीएमसी (मंडियों) में
फसलों की तय समर्थन मूल्य से पहली नीलामी बोली शुरू किए जाने, समर्थन मूल्य से नीचे फसल खरीद बिक्री को अपराध घोषित कर दंडात्मक प्रावधान करने व मंडी शुल्क को खत्म करने की प्रमुख मांगो को लेकर तहसीलदार व उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे गए। भाकिसं तय समर्थन मूल्य से नीचे फसल बिकने से किसानों को हो रहे करोड़ों रूपए के नुकसान को देखते हुए भारतीय किसान संघ लगातार प्रयासरत रहा है। इसको लेकर 2017 में प्रदेशव्यापी आन्दोलन करके संगठन ने सरकार का ध्यानआकर्षण किया था। जिस पर सरकार ने समर्थन मूल्य से नीचे फसल खरीद को प्रतिबंधित करने का लिखित आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया था। भाकिसं के प्रान्त प्रचार प्रमुख तुलछाराम सिंवर ने बताया कि संविधान की 7 वीं अनुसूची की दूसरी सूची के अनुसार कृषि व विपणन राज्य सूची का विषय हैं, ऐसे में मंडियो में फसलों का तय समर्थन मूल्य मिले इसका जिम्मेदारी उठाते हुए राज्य सरकार को राजस्थान कृषि उपज विपणन अधिनियम 1961 के पूर्व निर्धारित प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करवानी होगी। उक्त प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने हेतु समर्थन मूल्य से नीचे फसल खरीद बिक्री को अपराध की श्रेणी में लाने हेतु एपीएमसी एक्ट 1961 में आवश्यक बदलाव किया जाए तथा पड़ोसी राज्यों की तुलना में अत्यधिक मंडी टैक्स को खत्म करके राज्य की मंडियों को अन्य पड़ोसी राज्यों की मंडियों की प्रतिस्पर्धा में लाया जाए। इन्ही प्रमुख मांगो को लेकर भाकिसं ने जोधपुर जिले में 18 तहसील/उपतहसील पर ज्ञापन सौंपे।