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आईआईएचटी जोधपुर ने मनाया 10 वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस

वाइब्रेंट एक्सपो में छात्रों द्वारा बनाए गए हथकरघा डिजाइनों और उत्पाद प्रदर्शित

जोधपुर,आईआईएचटी जोधपुर ने मनाया 10 वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस।भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी) वस्त्र मंत्रालय एवं केन्द्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय,भारत सरकार,जोधपुर के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार को 10वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस आईआईएचटी के सभाकक्ष में मनाया गया। हर साल 7 अगस्त को मनाए जाने वाले हथकरघा दिवस का उद्देश्य उन हथकरघा बुनकरों और कारीगरों को सम्मानित करना है जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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इस कार्यक्रम में छात्रों द्वारा बनाए गए हथकरघा डिजाइनों और उत्पादों की एक प्रभावशाली प्रदर्शनी लगाई गई,जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एस एल पालीवाल ने किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देकर पारंपरिक शिल्प को संरक्षित करने एवं उद्यमी बनकर रोजगार पैदा करने का सुझाव दिया। उन्होंने आईआईएचटी जोधपुर के सहयोग से सालावास दरी (हस्तशिल्प उत्पाद) को जीआई टैग दिलाने के सन्दर्भ में अपने विचार व्यक्त किए।

हैण्डलूम एक्सपो में छात्रों के कौशल और रचनात्मकता को दर्शाते हुए उत्कृष्ट हथकरघा उत्पादों की एक श्रृंखला प्रदर्शित की गई। पालीवाल ने छात्रों से बातचीत की उनके काम की सराहना की और उन्हें पारंपरिक शिल्प को संरक्षित करना जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने हथकरघा दिवस समारोह के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम और अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए।

हस्तशिल्प सेवा केंद्र के सहायक निदेशक किरण वीएन और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता 2019 (टाई एंड डाई) मोहम्मद शरीफ इस अवसर पर उपस्थित थे। केन्द्रीय संचार ब्यूरो, जोधपुर के खीमराज सोनी ने तकनीकी ज्ञान के साथ उद्यमिता तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में छात्रों को प्रेरित किया तथा विजेता विद्यार्थियों को पारितोषिक वितरण किए। अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। संस्थान के निदेशक डॉ शिवज्ञानम केजे ने स्वागत भाषण दिया। मनीष माथुर ने अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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संस्थान के बत्ती लाल मीना,बीके शर्मा और अन्य संकाय सदस्यों ने हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने में मेहमानों के योगदान को स्वीकार करते हुए उनका अभिनंदन किया।