सीनियर रेजीडेंट कोर्स में चयनित होने के बावजूद रिलीव नहीं करने पर हाइकोर्ट ने लिया गंभीर

जोधपुर,राजस्थान हाईकोर्ट ने सीनियर रेजीडेंट कोर्स में चयनित होने के बावजूद रिलीव नहीं करने पर गंभीरता से लिया है। याचिकाकर्ताओं को अविलंब कार्यमुक्त करने और कोर्स जॉइन करने के अंतरिम आदेश देते हुए प्रमुख शासन सचिव,निदेशक (जन स्वास्थ्य),चिकित्सा विभाग जयपुर सहित अन्य को जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता 46 सरकारी चिकित्सको को सीनियर रेजिडेंट कोर्स ज्वॉइन करने के लिए गत वर्ष की तरह इस बार भी बेवज़ह पिछले एक माह से रिलीव नहीं करने का मामला है। याची डॉ भरत कुमार पारीक सहित 46 चिकित्सको की ओर से अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने पैरवी की। रिट याचिका की प्रारंभिक सुनवाई पश्चात हाइकोर्ट जस्टिस डॉ नूपुर भाटी की एकलपीठ ने अहम आदेश दिए।

कुचामन सिटी निवासी याचिकाकर्ता डॉ भरत कुमार पारीक सहित अन्य राजकीय सेवारत वरिष्ठ चिकित्सको की ओर से अधिवक्ता यशपाल ख़िलेरी ने रिट याचिका पेश कर बताया कि याचीगण एमबीबीएस.कोर्स उत्तीर्ण कर वर्तमान में विभिन्न राजकीय अस्पतालों में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के पदों पर कार्यरत हैं और वर्ष 2022 में हुई राष्ट्रीय नीट प्री-पीजी प्रवेश परीक्षा द्वारा नेशनल मेडिकल कमीशन/एनएमसी की गाइडलाइन्स अनुसार व मेरिटनुसार उनका पीजी कोर्स में राजकीय मेडिकल कॉलेज में चयन हो गया। तत्पश्चात उक्त पीजी कोर्स उत्तीर्ण करने के बाद राजकीय सेवा पुन: जॉइन कर ली।

एनएमसी के रेगुलेशन्स 2022 के अनुसार चिकित्सा शिक्षा विभाग में सहायक प्रोफेसर पद पर नियुक्ति के लिए आवश्यक योग्यता में तीन वर्षीय पीजी मेडिकल कोर्स के बाद एक साल का सीनियर रेजिडेंट कोर्स करना नियमानुसार आवश्यक होता हैं। राज्य सरकार ने 2022 के नीट-पीजी परीक्षा के अंकों को आधार बनाकर राजस्थान राज्य के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेज में विभिन्न ब्रांच में सीनियर रेजिडेंट के रिक्त सीटों पर प्रवेश देने के लिए अधिसूचना 31 अक्टूबर 2025 जारी की है जिसमे याचिकाकर्ताओ का भी चयन अन्तिम रिवाइज्ड आवंटन आदेश 05 फरवरी 2026 से सीनियर रेसिडेंटशीप कोर्स के लिए हो गया लेकिन उन्हें बार बार निवेदन करने के बावजूद रिलीव नही किया जा रहा हैं और कोर्स जॉइन करने की अंतिम तिथि कल 14 फऱवरी 2026 है। जिस पर रिट याचिका दायर की गई।

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अधिवक्ता ख़िलेरी ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग और चिकित्सा विभाग के आपसी लड़ाई का खामियाज़ा याचिकाकर्ताओं को भुगतना पड़ रहा हैं और चयन के बावजूद एक विभाग (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग) रिलीव नहीं कर रहा है और दूसरा चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतिम तिथि 14 फऱवरी नियत कर उनका चयन निरस्त करने पर उतारू हैं।वर्तमान में दोनों विभागों के शासन सचिव भी एक ही है। एडवांस योग्यता अर्जित करने से स्वयं व चिकित्सा बिरादरी के साथ साथ पूरे समाज के लिए भी लाभदायक है। राज्य सरकार द्वारा जारी परिपत्र 05 जुलाई 2022 के अनुसार सीनियर रेजिडेंटशीप के लिए अविलंब रिलीव करने और इस संबंध में आवश्यक निदेशालय को केवल सूचना दिए जाने का प्रावधान किया हुआ है। बावजूद इसके,चयनित सरकारी चिकित्सकों को रिलीव नहीं कर तंग परेशान करना समझ से परे हैं।

गत वर्ष भी चयनित सरकारी वरिष्ट चिकित्सकों को पहले ऑपेरशन सिन्दूर के नाम पर उक्त कोर्स जॉइन करने के लिए रिलीव करने से मना कर दिया गया और इस बार बिना किसी उचित कारण के और चिकित्सकों की कमी बताकर आवंटित मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट कोर्स के लिए रिलीव करने से मौखिक इंकार करना विधि विरुद्ध और अवमानना जनक है। जबकि करीब 1700 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति माह अगस्त में कई जा चुकी हैं। रिट याचिका की प्रारंभिक सुनवाई पश्चात हाइकोर्ट वरिष्ठ जस्टिस डॉ नूपुर भाटी की एकलपीठ ने सभी 46 याचिकाकर्ताओ को अविलंब अर्थात 13 फऱवरी तक रिलीव/कार्यमुक्त करने और आवंटन आदेश के अनुसार रेजिडेंसी कोर्स जॉइन करने का अमह अंतरिम आदेश देते हुए चिकित्सा विभाग के प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा सचिव,निदेशक (जन स्वास्थ्य),चिकित्सा विभाग सहित अन्य को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया।