जोधपुर, वैश्विक महामारी कोरोना के बीच वैशाख पूर्णिमा का पर्व बुधवार को श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस दौरान शहर भर में कोविड गाइड लाइन की पालना करते हुए कई कार्यक्रम हुए। मंदिरों व अन्य धार्मिक स्थालों पर पीपल पूजा के बाद हवन किए गए। हवन में आहुतियां देकर पूरे विश्व को कोरोना से मुक्ति दिलाने की कामना की गई।
वैशाख पूर्णिमा का पर्व बुधवार को प्रताप नगर स्थित हनुमान शनिधाम में कोरोना गाइड लाइन के अनुसार मनाया गया। यहां सुबह दस बजे पीपल पूजा के बाद हवन कर आहुतियां दी गई। भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना भी की गई और उन्हें भोग लगाया। इस अवसर पर पूनम चंद डाबी, राजेश गुप्ता, पुखराज चीतारा, लक्ष्मी, उमा व पंडित दामोदर महाराज तथा जादूगर गोपाल उपस्थित थे।
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पंडित दामोदर भारद्वाज ने बताया कि हिन्दू धर्म में पूर्णिमा तिथि का बहुत अधिक महत्व है। पूर्णिमा तिथि को बेहद ही शुभ माना जाता है। वैशाख पूर्णिमा के दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इस दिन स्नान-दान का भी बहुत अधिक महत्व है। इस बार कोरोना वायरस की वजह से घर से बाहर जाना सुरक्षित नहीं है, इसलिए भक्तों ने घर में रहकर ही वैशाख पूर्णिमा पर पूजा-अर्चना की। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का बहुत अधिक महत्व होता है लेकिन इस बार कोरोना वायरस की वजह से घर में ही रहे और नहाने के पानी में गंगा जल डालकर स्नान किया।