माचिया उद्यान में पहुंची मादा बाघिन

  • एक महीने बाघ एंथोनी के पिंजरे के पास रहेगी
  • एक्सचेंज के तहत जोधपुर ने जूनागढ़ स्थित सक्करबाग प्राणी उद्यान को दिए पांच चिंकारे

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),माचिया उद्यान में पहुंची मादा बाघिन। माचिया जैविक उद्यान में गुजरात के जूनागढ़ स्थित सक्करबाग प्राणी उद्यान से मादा बाघिन को लाया गया है। मादा बाघिन को एक महीने तक क्वारंटाइन में बाघ एंथोनी के पिंजरे के पास रखा गया है। माचिया के प्राकृतिक वातावरण से तालमेल हो जाने के बाद इसे दर्शक भी देख सकेंगे।

पुत्रवधु और उसके पीहर पक्ष पर गहने चुराकर ले जाने का आरोप

एक्सचेंज योजना के तहत जोधपुर वन्यजीव प्रभाग ने मादा बाघिन की एवज में पांच चिंकारे दिए हैं। उधर माचिया रेंजर करण सिंह राजपुरोहित की सफेद टाइगर के साथ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने से विभाग के कर्मचारी दो दिन तक गुमराह होते रहे। दरअसल मई-2024 में बाघिन अंबिका की हार्ट अटैक से मौत होने के बाद से बाघ एंथोनी एकांकी जीवन व्यतीत कर रहा था।

सेंट्रल जू अथॉरिटी,वन मुख्यालय राजस्थान व गुजरात वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद मादा बाघिन को गुजरात से ट्रांसपोर्टेशन कर बुधवार सुबह माचिया लाया गया था। बाघिन को फिलहाल क्विएरेंटाइन किया गया है। उसे बाघ एंथोनी के पिंजरे के पास एंकात में रखा गया है। इसकी देखभाल के लिए आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में अलग अलग वनकर्मी लगाए गए हैं।
इसके अलावा अन्य किसी को उस एरिया में जाने की अनुमति नहीं है।

बाघिन पर चौबीस घंटे अलग से सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी रखी जा रही है। डॉ.कंचन सारस्वत सहित अन्य पशुचिकित्सकों की टीम नियमित रूप से बाघिन के खान पान पर नजर रखेगी। उपवन संरक्षक वन्यजीव जोधपुर रमेश मूंड के अनुसार बाघिन को फिलहाल एक महीने तक बिल्कुल एंकात माहौल में रखा जाएगा।

नई बाघिन के आने से माचिया जैविक उद्यान में न केवल आकर्षण बढ़ेगा,बल्कि ब्रीडिंग प्रोग्राम को भी मजबूती मिलेगी। बाघिन अंबिका की मौत के बाद मायूस जीवन व्यतीत कर रहे बाघ एंथोनी व बाघिन का जोड़ा बनेगा। इससे पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। मादा बाघ के आने से माचिया जैविक उद्यान में फिर से कार्मिकों में उत्साह का माहौल है।