जेएनवीयू पेंशनर्स के प्रदर्शन में कुलगुरु के साथ धक्का-मुक्की, हुआ फ्रैक्चर

  • तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले गए
  • पुलिस ने चार पेंशनर्स नेताओं को पकड़ा
  • पुलिस आयुक्त पहुंचे अस्पताल

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जेएनवीयू पेंशनर्स के प्रदर्शन में कुलगुरु के साथ धक्का-मुक्की,पैर हुआ फ्रैक्चर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) में 1475 पेंशनर्स को चार महीनोंं से पेंशन नहीं मिल पाई है। कुछ दिनों पहले किए गए प्रदर्शन के बाद आज एक बार फिर ये पेंशनधारक हैड ऑफिस में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। पेंशनर्स ने वहां से निकल रहे कुलगुरु प्रो.पवन कुमार शर्मा को रोका ओर उनसे जल्द समाधान करने की बात की।

लंबे समय से फरार व कई जिलों में वांछित वाहन चोर गिरफ्तार

इस बीच बातचीत में उग्रता होने से कुलगुरु के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। इस बीच धक्कामुक्की मेें वे गिर गए और उनका एक पैर फ्रैक्चर हो गया। कुलगुरू ने भगत की कोठी थाने में राजकार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने की रिपोर्ट दी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार सेवानिवृत कर्मचारी नेताओं को हिरासत में लिया है। इधर घटना के बाद पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश एमडीएम अस्पताल पहुंचे और बातचीत की।

कुलगुरू का आरोप गर्दन पकड़ कर गिराया 
कुलगुरु ने आरोप लगाया कि उनको गर्दन पकड़ कर गिराया गया। उनके पैर में चोट आई,जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया। एंबुलेंस से उनको अस्पताल ले जाया गया। पुलिस दो पेंशनर्स नेताओं को पकडक़र थाने ले गई। एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि पेंशनर्स के प्रदर्शन के दौरान कुलगुरु की धक्का मुक्की होने से उनको चोट आई है। उनकी रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी। उपचार के लिए उनको अस्पताल भेजा गया।

चार पेंशनर्स नेताओं को ले गई पुलिस 
घटना के बाद मौका रिपोर्ट पर जेएनवीयू पेंशनर्स सोसायटी के अध्यक्ष रामनिवास, अशोक व्यास, रामदत्त हर्ष एवं दुर्गासिंह को भगत की कोठी थाना पुलिस अपने साथ में लेकर चली गई। दरअसल आज पेंशनर्स की बैठक थी, लेकिन वृहस्पति भवन की अनुमति नहीं मिलने पर उसके बाहर ही बैठ कर मीटिंग करने लगे। कुलगुरु प्रो.पवन कुमार शर्मा वहां से निकल रहे थे तो कुछ पेंशनर्स ने उनकी गाड़ी को सामने जाकर रोका,जिसके बाद वे नीचे उतरे थे।

कुलगुरु ने बताया कि जो लोग सामने थे वे उनसे बात नहीं करना चाहते थे। बिना अनमुति व पूर्व नोटिस के वे एकत्र हुए थे। ऐसे में उन्होंने पूर्व वीसी प्रो.गंगाराम जाखड़ को इशारा कर बुलाया। इस दौरान ही दो लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उनको गिरा दिया था।

मारपीट के आरोपों को नकारा
पेंशनर्स संघ के नेता अशोक व्यास ने मारपीट के आरोपों को नकारा है। उन्होंने कहा कि चार माह से हम पेंशन के लिए संघर्षरत हैं। हमें बैठक की अनुमति नहीं दी गई,इसीलिए हम आज यहां एकत्र हुए थे। हमारे किसी व्यक्ति ने मारपीट नहीं की। हो सकता है कि वे खुद ही उलझ कर गिर गए हो।

पूर्व कुलगुरु बीएस राजपुरोहित ने कहा कि विश्वविद्यालय ने टकराव की स्थिति अपनाई है। हमें डराया जा रहा है। वृहस्पति भवन में हमें बैठक करने से मना किया गया। हमारा कार्यालय बंद कर दिया गया है। चार माह से हमें पेशन नहीं मिली है। पूरे वित्तीय वर्ष में विश्वविद्यालय ने अपने संसाधन से एक माह की भी पेंशन नहीं दी है। पेंशन के लिए 50 करोड़ का जो लोन लिया गया,उससे ही पेंशन दी गई। कुलगुरु का दायित्व था कि वे खुद आकर बात करते। हमारे लोगों ने रोकने का प्रयास किया। इसके बाद वे खुद उतरे, हमारी तरफ से कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया।

पुलिस में कराया केस दर्ज, इन्हें किया गया दस्तयाब 
भगत की कोठी थानाधिकारी राजीव भादू ने बताया कि इस बारे में कुलगुरू पवन कुमार शर्मा की तरफ से राजकार्य में बाधा डालने का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार सेवानिवृत कर्मचारी रामनगर भदवासिया निवासी अशोक व्यास,पोलो प्रथम शिपहाउस के पास रहने वाले रामनिवास,लोढ़ों की गली वीर मोहल्ला निवासी रामदत्त हर्ष एवं चौपासनी गोपालबाड़ी निवासी दुर्गासिंह को दस्तयाब किया गया है।