जिला कलक्टर आलोक रंजन का जल व्यवस्थाओं पर फोकस
- तखत सागर फिल्टर प्लांट व आरजीएलसी पंप का किया निरीक्षण
- नहर बंदी के दौरान पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
- समर कंटिंजेंसी कार्यों की समीक्षा
- जल गुणवत्ता,प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध कार्य पूर्णता प्रशासन की प्राथमिकता
- जल परियोजनाओं की प्रगति, हैंडपंपों के रखरखाव एवं जल शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर दिया विशेष जोर
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जिला कलक्टर आलोक रंजन का जल व्यवस्थाओं पर फोकस। जिला कलक्टर आलोक रंजन ने रविवार को तखत सागर फिल्टर प्लांट एवं राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल (आरजीएलसी) के पंप गृह संख्या- 8 का निरीक्षण कर जिले में पेयजल व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा नहर बंदी के दौरान निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।
बेंतमार मेले की मस्ती में पूरी रात रहा महिलाओं का राज
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने अधीक्षण अभियंता परियोजना बीएस.देथा,अधीक्षण अभियंता जिला वृत्त अजय छंगाणी एवं अधीक्षण अभियंता नगर वृत्त राजेंद्र मेहता के साथ विस्तृत चर्चा कर विभाग की तैयारियों एवं कार्ययोजना की समीक्षा की।
नहर बंदी के दौरान वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
अधीक्षण अभियंता परियोजना द्वारा कैनाल क्लोजर को लेकर विभागीय तैयारियों एवं आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल तृतीय फेज का कार्य पूर्ण होने के पश्चात नहर बंदी के दौरान पेयजल आपूर्ति में आने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान संभव होगा। जिला कलक्टर रंजन ने निर्देश दिए कि नहर बंदी के दौरान जिले में पेयजल उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा न आए,इसके लिए प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा प्रत्येक स्तर पर सतत मॉनिटरिंग की जाए।
जल गुणवत्ता एवं मॉनिटरिंग पर विशेष जोर
तखत सागर फिल्टर प्लांट पर जिला कलक्टर ने जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण कर पानी की गुणवत्ता की नियमित एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंप गृह संख्या- 8 एवं फ्लैरिंग जोन का भी अवलोकन करते हुए जल वितरण प्रणाली की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विभाग को निर्देशित किया कि जल की क्षति को रोकने के लिए समुचित उपाय किए जाएं तथा जल आपूर्ति प्रणाली को तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया जाए।
समर कंटिंजेंसी एवं जल शिकायतों की समीक्षा
जिला कलक्टर ने जल शिकायतों के निस्तारण एवं समर कंटिंजेंसी कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम के दृष्टिगत सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अति आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए,ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने पीएचईडी विभाग की प्रगतिरत परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा कर सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जल संरचनाओं की सुरक्षा एवं रखरखाव पर बल
जिला कलक्टर ने टैंकों,पाइप लाइनों एवं अन्य जल संरचनाओं की सुरक्षा एवं नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जल आपूर्ति प्रणाली सुचारू रूप से संचालित हो सके।
मंडोर क्षेत्र में हैंडपंपों का निरीक्षण, दिए रखरखाव के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने मंडोर स्थित केरू ब्लॉक के हैंडपंपों का भी निरीक्षण किया तथा उनके नियमित रखरखाव, समय पर मरम्मत एवं कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने दो ग्रामों में पेयजल व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रामदेव कॉलोनी केरू,शिव शरणों की ढाणी, सांसियों की ढाणी-1 एवं सांसियों की ढाणी-2 में स्थापित हैंडपंप चालू पाए गए। सुनारों की पियाऊ (श्मशान के पास) स्थित एक हैंडपंप बंद पाया गया,जिस पर विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त हैंडपंप परित्यक्त श्रेणी में है। इस पर जिला कलक्टर ने संबंधित हैंडपंप के संबंध में विभागीय नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप पेयजल का महत्वपूर्ण स्रोत हैं,इसलिए उनकी कार्यक्षमता बनाए रखना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला कलक्टर आलोक रंजन ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल प्रबंधन से जुड़े सभी कार्यों में समन्वय, सतर्कता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए कार्य करें,ताकि आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
