9.2 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का लेन-देन आया सामने
- साइबर ठगी प्रकरण
- पैसे को व्हाइट मनी करने वाला आरोपी गिरफ्तार
- 19 सिम,9 डेबिट-क्रेडिट कार्ड बरामद और 2 मोबाइल बरामद
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),9.2 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का लेन-देन आया सामने।शहर की महामंदिर पुलिस ने पावटा के मानजी का हत्था क्षेत्र से मथानिया के रामपुरा भाटियान निवासी सुनील को गिरफ्तार किया। आरोपी साइबर ठगों के साथ सिंडिकेट सदस्य (गैंग) के रूप में काम करता है।
पुलिस ने आरोपी के खातों से 9.20 करोड़ के अवैध ट्रांजेक्शन पकड़ा। साथ ही उसके पास से अलग-अलग कंपनियों की 19 सिम,9 डेबिट- क्रेडिट कार्ड,एक कोरियर किट,दो मोबाइल और 5 पर्चियां बरामद की।वारदात में प्रयुक्त मोटर साइकिल को भी जब्त की है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
पैसे को व्हाईट मनी में बदलता
आरोपी ऑनलाइन ठगी के पैसे को किराये के बैंक खातों के जरिए निकाल कर उसे व्हाइट मनी में बदलने वाले संगठित रैकेट का सदस्य निकला। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क से जुड़े खातों में करीब 9.2 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का लेन-देन हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह साइबर ठगी करने वाले गिरोह के लिए कमीशन एजेंट के रूप में काम करता था।
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गिरोह के सदस्य लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और इन्वेस्टमेंट का लालच देकर ठगी करते थे। ठगी की रकम पहले किराये के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई जाती थी। इसके बाद आरोपी एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीनों के जरिए पैसे निकालकर अन्य खातों में जमा कर देता था। इस तरह ठगी की रकम को सफेद धन में बदल दिया जाता था।
साइबर पोर्टल पर पेमेंट लेयर ट्रेस होना बंद हो जाता
पुलिस के अनुसार कई बार खातों से राशि निकालने के बाद भारत सरकार के केसी साइबर पोर्टल पर पेमेंट लेयर ट्रेस होना बंद हो जाता है,जिससे जांच मुश्किल हो जाती है। पुलिस ने आरोपी के दोनों मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की। इसमें कई संदिग्ध बैंक खातों और ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड मिले। जांच में सामने आया कि इन खातों के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में करीब 9.2 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की गई है। आरोपी पकड़े जाने के डर से मोबाइल की हिस्ट्री लगातार डिलीट करता रहता था, लेकिन डिजिटल जांच में कई अहम सुराग मिल गए।
