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सरकारी स्कूल अध्यापक से 87 लाख की ठगी

-क्रिस्टल मशीनरी में इंवेस्ट के नाम पर की ठगी

-भारत कार्पोरेशन व बी-इंफोमेटिक में भी पैसा लगाने का झांसा

– पुलिस और राजनेताओं से पहचान के साथ जान की धमकी

जोधपुर,शहर के सूथला क्षेत्र में रहने वाले एक सरकारी स्कूल अध्यापक को कुछ लोगों ने ठगी का शिकार बनाकर 87 लाख की रकम हड़प ली। अब पुलिस और राजनेताओं से पहचान बता कर जान की धमकी मिल रही है। पीडि़त सरकारी स्कूल अध्यापक की तरफ से अब प्रतापनगर थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण नामजद लोगों के खिलाफ दर्ज करवाया गया है। हाल ही जनवरी में उनसे पांच लाख रुपए और ठगे गए हैं। आखिरकार मुनाफा और रकम डूबने पर पुलिस की शरण ली गई।

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प्रतापनगर पुलिस ने बताया कि मूलत: कापरड़ा के जांभा हाल सूथला निवासी महिपाल पुत्र सोनाराम विश्रोई की तरफ से केस दर्ज करवाया गया। इसमें बताया कि वह सरकारी स्कूल में शिक्षक है। उनकी जान पहचान पेट्रोल पंप पर कार्य करने वाले शिकारपुरा जेतलाई निवासी वीरेंदसिंह पुत्र सवाई सिंह के साथ साल 2022 जुलाई से हो रखी थी। एक दिन वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उसको एक कंपनी क्रिस्टल मशीनरी में इंवेस्ट किए जाने पर काफी मुनाफा मिलता है। उसने कंपनी में अपने से बड़े काम करने वाले प्रशांत कुमार रावल,रमेश सोलंकी,राहुल एवं अमित से मिलवाया था। जुलाई 22 में इन लोगों ने उसे प्रतापनगर बस स्टेण्ड पर बुलाया जहां एक होटल पर चाय पीकर कंपनी में इंवेस्ट की चिकनीचुपड़ी बात कर उलझाया। झांसे में आकर उसने एक लाख रुपए नगद फिर एक लाख ऑनलाइन ट्रांसफर किए। शिक्षक महिपाल का आरोप है कि इन लोगों ने बताया कि दो और कंपनी भारत कार्पोरेशन एवं बी इंफोमेटिक भी है, उसमें भी पैसा लगाने पर बड़ा मुनाफा होगा। तब परिवादी शिक्षक द्वारा आठ लाख रुपए लगाए गए। इसके बाद उसे आईडी बढ़ाने के नाम पर यह लोग रुपए ऐंठते रहे।

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शिक्षक अपने रिश्तेदारों, परिचितों से रुपए लेकर इन्हें देता रहा। मगर न तो आईडी दी गई और न मुनाफा दिया गया। आरोपी वीरेेंद्र सिंह हर बार आईडी नंबर देने एवं उसे बड़ा करने के नाम पर रुपए ऐंठता रहा। वीरेंद्र हर बार कभी बैक सर्वर डाउन होने और कभी हवाला का कहकर टालता रहा। जनवरी 23 में कहा कि उसे पांच लाख रुपए नहीं दिए तो वह आईडी बंद कर देगा। सब पैसा डूब जाएगा। तब परिवादी शिक्षक ने पांच लाख रुपए और अपने दोस्त और परिचितों से एकत्र कर उसे दिए। मगर आज तक उसे ना तो मुनाफा हासिल हुआ और ना ही दी गई रकम लौटाई गई। वीरेेंद्र सिंह ने खुद की पुलिस और राजनेताओं में पहचान बताकर जान की धमकी भी दी। प्रतापनगर पुलिस ने बताया कि मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। अब जांच आरंभ की गई है।

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