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डबल चैकिंग के बावजूद एक व्यक्ति जेल में पहुंचा मोबाइल लेकर,भागने में सफल

  • किसी अन्य के नाम से कराया र्जिस्ट्रेशन
  • सजायाप्ता बंदी को मोबाइल देते पकड़ा जाता उससे पहले भागा
  • कीपेड फोन बरामद

जोधपुर,डबल चैकिंग के बावजूद एक व्यक्ति जेल में पहुंचा मोबाइल लेकर,भागने में सफल। जोधपुर केंद्रीय कारागार में मंगलवार को अजीब सा खेला हो गया। बाहरी व्यक्ति ने किसी अन्य के नाम से रजिस्ट्रेशन करवाया, फिर एक सजायाप्ता आजीवन कारावास पॉक्सो एक्ट के बंदी से मिलने पहुंच गया। कांच की दीवार बनी होती है जिसके बीच उसने इस बंदी को की-पेड फोन पकड़ा दिया। जेल प्रहरी की नजर पड़ी तो वह वहां से भाग गया।

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सबसे बड़ी बात यह रही कि जिस स्थान से वह भागा वह जेल दरवाजे से तकरीबन 400 मीटर की दूरी तय करती है। पुलिस में अब इस बाबत सजायाप्ता बंदी के साथ वहां आए शख्स को नामजद किया गया है। की-पेड फोन बरामद कर लिया गया है। रातानाडा पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अब जांच आरंभ की है।

जानकारी के अनुसार दरअसल गंगाणी का धर्मेंद्र चौधरी ने जेल में किसी व्यक्ति से मिलने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। मगर उसे जिस शख्स से मिलना था,उससे न मिलकर वह एक सजायाप्ता बंदी रमेश पुत्र हुकमाराम से मिलने चला गया। जेल प्रशासन द्वारा इनकी बातचीत करवाई गई। इनके बीच कांच की दीवार बनी रहती है। मगर वह अपने साथ लाए एक की-पेड को रमेश को देते पकड़ा गया। इसकी नजर वहां मौजूद जेल प्रहरी की पड़ गई। तब धर्मेंद्र वहां से भाग गया। उसके भागने की दूरी और जेल के दरवाजे के बीच तकरीबन 400 मीटर है। वह अपना की-पेड फोन छोडक़र भाग गया।

रातानाडा थानाधिकारी प्रदीप डांगा ने बताया कि धर्मेंद्र भागने में सफल हो गया,जिसकी तलाश की जा रही है। मोबाइल को बरामद कर लिया गया है। रमेश सजायाप्ता मुल्जिम है।

द्विस्तरीय होती है जांच
दरअसल जेल में आने वाले फरियादियों की जांच के लिए जेल प्रहरी नियुक्त हो रखे हैं। जेल में एंट्रेंस के समय वे फरियादियों और उनके सामान अच्छे से चैकिंग करते हुए फिर उन्हें प्रवेश दिया जाता है। मगर धर्मेंद्र फिर फोन लेकर अंदर तक पहुंंच गया। यहां जेल के बाहर ही स्थानीय पुलिस का भी पहरा रहता है। मगर यह पुलिस केवल जेल स्टाफ की चैकिंग के लिए कार्यरत है। वह फरियादियों की चैकिंग नहीं करती है। इस द्विस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद भी लोग अवांछनीय सामग्री लेकर जेल में आ रहे हैं। जो अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहे हैं।

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जेल उपाधीक्षक ने कराया केस दर्ज
जेल उपाधीक्षक सौरभ स्वामी की तरफ से विचाराधीन बंदी रमेश और गंगाणी निवासी धर्मेंद्र चौधरी के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। रातानाडा पुलिस पड़ताल में जुटी है।