तीसरे दिन भी नहीं उठाया शव, गतिरोध बरकरार

सीआरपीएफ जवान सुसाइड प्रकरण

  • सांसद बेनीवाल ने कहा परिजन जो बोलेंगे उसके अनुसार करेंगे आंदोलन
  • परिजनों ने डीआईजी समेत 6 लोगों के खिलाफ दर्ज करवाया मामला
  • सीआरपीएफ की ओर से मर्ग दर्ज
  • मांगे पूरी नहीं होने तक परिजनों ने शव उठाने से भी किया इनकार

जोधपुर, निकटवर्ती पालड़ी खिचिंयान के आरटीसी क्वार्टर में सीआरपीएफ जवान नरेश कुमार जाट के खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने के बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया है। परिजन शव नहीं उठाने की मांग पर अड़े रहे। उधर, धरने पर बैठे परिजनों से मिलने नागौर सांसद व रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल एमजीएच मोर्चरी पहुंचे। वहां पर उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया, साथ ही कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खड़ा होने की भी बात कही।

बेनीवाल ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले जवान ही सुरक्षित नहीं हैं। विभिन्न अर्ध सैन्य बलों में आए दिन आत्महत्याओं के मामले सामने आ रहे हैं। राजोला निवासी नरेश जाट को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में सीआरपीएफ के डीआइजी को हटाया जाए। मामले की उच्च स्तरीय जांच हो व दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि मांगों के लिए परिजन जो कहेंगे उसके हिसाब से आंदोलन किया जाएगा।

पिछले साल दिसम्बर में सीआरपीएफ में आत्महत्या करने वाले एसआई विकास कुमार की पत्नी कविता भी धरना स्थल पर ही सांसद बेनीवाल से मिलने पहुंची। जहां पर उन्होंने सांसद बेनीवाल को सीआरपीएफ के जवानों के हालात के बारे में जानकारी दी। धरनास्थल पर भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग व अन्य लोग भी मौजूद थे।

कई अधिकारियों का मोर्चरी पर जमावड़ा

मोर्चरी के अंदर व बाहर एडीसीपी (पूर्व) नाजिम अली,एसीपी मंडोर राजेंद्र प्रसाद दिवाकर,एसीपी (पश्चिम) चक्रवर्ती सिंह राठौड़,सरदारपुरा थानाधिकारी सोमकरण,भगत की कोठी थानाधिकारी सुनील चारण, करवड़ थानाधिकारी कैलाशदान, यातायात प्रभारी गोविंद व्यास सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।

थानाधिकारी से बोले सांसद बेनीवाल-किन धाराओं में दर्ज किया मामला

दोपहर करीब तीन बजे धरना स्थल पर पहुंचे सांसद बेनीवाल मृतक जवान के पिता के पास गए। तभी वहां रो रहे मृतक के भाई को चुप करवा कर उससे पूरी जानकारी ली। इसके बाद वहां खड़े करवड़ थानाधिकारी कैलाशदान से कहा कि एसएचओ साहब कौन-सी धाराओं में मामला दर्ज किया। फिर कहा कि एफआईआर की कॉपी मंगवाओ। थोड़ी देर बाद एफआईआर की कॉपी आई तो वह लेकर एसीपी मंडोर राजेंद्र प्रसाद दिवाकर लेकर परिजनों और बेनीवाल के बीच गए। वहां बीच में बैठकर पूरे मामले की जानकारी दी।

उन्होंने एफआईआर में डीआइजी भूपिन्दरसिंह,एएसआइ/जीडी सतवीर,हेड कांस्टेबल/जीडी बहादुर यादव,एसआइ/जीडी अर्जुनसिंह, एसी सुशील व अर्जुन के नाम होने के बारे में अवगत कराया।

यह सात मांगे है परिजन की

मृतक नरेश जाट के परिजनों ने सात सूत्रीय मांग पत्र पुलिस को दिया है। उसके मुताबिक पिता की दर्ज कराई गई एफआईआर पर नामजद अभियुक्तों को तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार करने, मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने, उसकी पुत्री छह साल की कनिष्का को बालिग होने पर अनुकंपा के तहत सरकारी नौकरी देने, उसकी विधवा को आजीवन पेंशन देने, नौकरी के हिसाब से ग्रेचुटी, फंड, छुट्टी के पैसे की एक मुश्त राशि पत्नी व माता पिता को नियमानुसार देने, बेटी कनिष्का को स्नातक होने तक की पढ़ाई पूरा खर्चा केंद्रीय रिजर्व बल की ओर से व्यय किए जाने, अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव में सीआरपीएफ के शहीद के रूप करने की मांग रखी गई है।

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