ग्राहक फार्मासिस्ट ने बैंक से नहीं मांगा कार्ड 98 हजार रुपए ट्रांजेक्शन का दावा
डिट कार्ड का दुरूपयोग
जोधपुर(दूरदृष्टिन्यूज),ग्राहक फार्मासिस्ट ने बैंक से नहीं मांगा कार्ड 98 हजार रुपए ट्रांजेक्शन का दावा। शहर में क्रेडिट कार्ड के कथित दुरुपयोग का ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक फार्मासिस्ट का आरोप है कि उसने कार्ड के लिए आवेदन तक नहीं किया,फिर भी बैंक ने उसके नाम पर क्रेडिट कार्ड जारी कर दिया। उसने कार्ड लेने से इनकार किया, लेकिन 12 दिसंबर 2025 को कार्ड उसके पते पर पहुंच गया।
बैंक ने इसे मुफ्त बताते हुए अपने पास रखने को कहा। बाद में कार्ड ब्लॉक कराने की प्रक्रिया के बावजूद उसके नाम से वर्चुअल कार्ड जारी होने और उनसे ट्रांजेक्शन होने का आरोप है। पीड़ित के अनुसार,बैंक ने 1,07,581.39 रुपए की देनदारी बताई। 98 हजार रुपए के ट्रांजेक्शन का दावा किया गया। इसके अलावा वेतन खाते से बिना सूचना 2473 रुपए काटने का भी आरोप लगाया है।
परिवाद पर जांच आरंभ
सूरसागर थाना क्षेत्र के पुन्यानाडी,जालेची झालरा के पास रहने वाले अभिजीत शर्मा मेडिपल्स अस्पताल में तीन साल से अधिक समय से फार्मासिस्ट हैं। उनका वेतन खाता एचडीएफसी बैंक की पाल रोड शाखा में है। अभिजीत ने न्यायालय में परिवाद पेश कर आरोप लगाया कि उनके नाम पर जारी पिक्सल क्रेडिट कार्ड का उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल हुआ। अभिजीत ने फोन पर ही कार्ड लेने से मना कर दिया।
बैंककर्मी ने इसे मुफ्त बताते हुए कहा कि कार्ड उनके पते पर भेज दिया गया है और वे इसे रख लें। इसके बाद 12 दिसंबर 2025 को कार्ड उन्हें मिल गया। अभिजीत का कहना है कि कार्ड मिलने के बाद वे बैंक शाखा गए और कार्ड वापस लेने को कहा।
आरोप है कि बैंककर्मियों ने इसे मुफ्त बताते हुए कहा कि इस्तेमाल नहीं करने पर कार्ड अपने आप निष्क्रिय हो जाएगा। कार्ड वापस नहीं लिया गया। अभिजीत के अनुसार, उन्होंने कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया और उसे घर पर ही रखा।
