मेडिकल बोर्ड से जवाब के बाद पुलिस ने देर रात दर्ज किया कंपाउंडर के खिलाफ केस
- साध्वी प्रेम बाईसा मृत्यु प्रकरण
- जांच एवं अनुसंधान के बाद गिरफ्तारी संभव
- लग सकते है कुछ दिन
- इधर विरोध में उतरे नर्सेज
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),मेडिकल बोर्ड से जवाब के बाद पुलिस ने देर रात दर्ज किया कंपाउंडर के खिलाफ केस। कथा वाचक प्रेम बाईसा की मौत का प्रकरण का खुलासा तीन दिन पहले हो गया था। उनकी मौत अस्थमा और कार्डियक अरेस्ट हुई थी।
पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट पर संशय बना रहने से दुबारा रिपोर्ट के साथ कुछ सवालों के जवाब बोर्ड से मांगे गए थे।बोर्ड द्वारा जवाब मिलने के बाद रिपोर्ट एसआईटी ने अपने उच्चाधिकारियों को सोमवार सौंप दी। देर रात उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कंपाउंडर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। हालांकि गिरफ्तारी पूर्ण जांच पड़ताल के बाद ही संभव है।
पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार बंसल के अनुसार केस दर्ज किया गया है।गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच पड़ताल और अग्रिम अनुसंधान के बाद गिरफ्तार किया जा सकता है। इसमें कुछ दिन लग सकते हैं। एसआईटी अपनी जांच कर रही है।
इधर प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही नर्सेज का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। वे इसके विरोध में खड़े हो गए है। इसको लेकर नर्सेज बड़ा निर्णय ले सकते है। नर्सेज ने केस दर्ज को लेकर पूर्णतया गलत बताया है।
गौरतलब है कि पुलिस ने प्रेम बाईसा की मौत की वजह अस्थमा और कार्डियक अरेस्ट से होना बताया था। मगर पुलिस को उनकी मेडिकल रिपोर्ट पर संशय बना रहा और कुछ प्रश्न छूटे हुए थे। जिसे मेडिकल बोर्ड से फिर से जवाब मांगा गया। जिसकी रिपोर्ट एसआईटी को सोमवार को मिली और उसे उच्चाधिकारियों को दिया गया। देर रात उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बोरानाडा थाने में प्रकरण दर्ज किया गया।
पुलिस लापरवाही से मौत का प्रकरण दर्ज किया है। जो इंजेक्शन प्रेम बाईसा को लगाए गए थे वह दोनों एक साथ लगा दिए गए थे। जिसका रिएक्शन होना माना जा रहा है। इंजेक्शन लगाने के महज बीस मिनट बाद ही उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मौत को डॉक्टर्स से इंजेक्शन को लेकर फिर से राय मांगी थी।
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दो इंजेक्शन डायनापार और डेक्सोना साथ लगाए गए
पुलिस जांच पड़ताल और पूछताछ में मालूल हुआ कि साध्वी प्रेम बाईसा को दो इंजेक्शन डायनापार एवं डेक्सोना एक साथ लगाए गए थे जो गलत है।
नर्सेज ने केस दर्ज को बताया दुर्भाज्यपूर्ण एवं निदंनीय
साध्वी प्रेम बाईसा के निधन पर नर्सिंग अधिकारी देवी सिंह राजपुरोहित के द्वारा मानवीय संवेदनाओं के दृष्टिकोण से जो सेवा की गई,उस पर मुकदमा दर्ज किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिला अध्यक्ष शंभू सिंह मेड़तिया ने बताया कि इस घटना से आम कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। कर्तव्य का पालन करते हुए किसी मरीज की सेवा करना यदि अपराध माना जाएगा,तो यह कर्मचारियों के मनोबल को तोडऩे वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई पूर्णत: गलत है और कर्मचारी महासंघ इसका पुरजोर विरोध करता है। महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है तथा कार्रवाई स्थगित नहीं की गई तो उग्र प्रदर्शन भी किया जाएगा।
