एनोटोमी का समस्त चिकित्सकीय विषयों में महत्व है-जस्टिस मूलचंदानी
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एनोटोमी का समस्त चिकित्सकीय विषयों में महत्व है-जस्टिस मूलचंदानी।डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर में सोमाकॉन-3 सोसायटी ऑफ मेडिकल एनाटॉमिस्ट शरीर रचना विज्ञान का तीसरा राष्ट्रीय वार्षिक अधिवेशन का उदघाट्न मुख्य अतिथि राजस्थान मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष न्यायमूर्ति गंगा राम मूलचन्दानी व डॉ.जीडी पुरी कार्यकारी निर्देशक एम्स जोधपुर ने किया।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति डॉ गंगा राम मूलचन्दानी ने कहा कि एनोटोमी विषय का केवल चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में ही
योगदान नहीं,समस्त चिकित्सकीय विषयों में महत्व है।इसकी प्रगति रोग निदान व बेहतर शल्य चिकित्सा में अहम भूमिका के बारे में बताया। मेडिको लिगल केस में भी एनाटोमी विशेषज्ञों के योगदान को सराहा। उन्होने शोध हेतु देह दान को आम जनता में प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया,जिससे चिकित्सक छात्र-छात्राओं को मेडिकल की शिक्षा में अधिक शोध
करने का अवसर मिले।
विशिष्ट अतिथि डॉ.जीडी पुरी ने एनाटोमी में नवीन तकनीकों एवं साइमूलेशन विधि से जटिल शल्य क्रिया को आसानी से समझने के बारे में विचार साझा किये।उद्घाटन समारोह में डॉ.एमके आसेरी, कुलगुरू मारवाड़ चिकित्सा विश्वविद्यालय ने समस्त आयोजकों को भव्य आयोजन के लिये बधाई दी।
आयोजन अध्यक्ष डॉ. बीएस जोधा ने एनाटोमी व आनुवांशिकता के विभिन्न पहलुओ से जटिल रोगों की पहचान व निदान पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया एवं एनाटोमी विषय की स्त्री रोग में महत्वता के बारे में व आईवीएफ तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराई। सोमा अध्यक्ष डॉ.एसपी राठोड व डॉ.बिजय दत्ता द्वारा एसोसियेशन की विभिन्न एक वर्ष की गतिविधियों से अवगत करवाया।डॉ.सुषमा कुशल कटारिया ने एम्बालबिंग पर शोध पत्र प्रस्तुत किया।
उद्घाटन समारोह में विशिष्ठ सेवाओं के लिये डॉ.माणिक चटर्जी,डॉ.टीसी सिंघल, डॉ.दलपत चौधरी,डॉ.एसएम सिंघवी,डॉ. आरपी भूसर,डॉ.प्रफुल्ल कच्छावा,डॉ. शरद थानवी,डॉ.अरूण वेश्य,डॉ.रोहित माथुर,डॉ.हेमन्त जैन को सम्मानित किया गया। सोमाकॉन-3 की स्मारिका पुस्तक स्मृतिरचना का विमोचन किया गया। मंच का संचालन डॉ.जयराम रावतानी परीक्षा नियंत्रक,मारवाड़ चिकित्सा विश्वविद्यालय ने किया।
न्यूरो पैथोलॉजी अपडेट विषय पर एकदिवसीय सीएमई का आयोजन रविवार को
आयोजन सचिव डॉ.सुषमा कुशल कटारिया ने बताया कि इस सम्मेलन में एम्स,नई दिल्ली की डॉ.रीमा डाडा द्वारा इनफर्टिलिटी में योग के महत्व पर ओरेशन व्याखयान प्रस्तुत किया गया। साथ ही लगभग 40 अवार्ड शोध पत्र विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किये गये। लगभग 100 शोध पत्र व पोस्टर युवा वैज्ञानिकों द्वारा एनाटोमी की विभिन्न तकनीको एवं चिकित्सा पद्धतियो प्रस्तुत किये गये। विभिन्न सत्रों का डॉ.लीना रायचन्दानी,डॉ.तुहिन गुलियानी, डॉ. हेमकंवर जोया,डॉ.तरूणा चौधरी, डॉ.समता गोयल,डॉ.कल्पना गहलोत, डॉ.जया पुरोहित ने संचालन किया।
सोमाकॉन-3 कान्फ्रेंस में देशभर से लगभग 300 विशेषज्ञों ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई। साथ ही साइमूलेशन,विभिन्न प्रकार की अस्थियों के मॉडल एवं चिकित्सकीय विषय की पुस्तकों एवं मैनेक्विन की प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। साथ ही डॉ.योगेश सोनटके की सीबीएस प्रकाशन द्वारा क्लिनिकल एनाटॉमी व सरफेज रेडियोलोजी की पुस्तकों का विमोचन किया गया।
