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बीमा कंपनी को बीमा राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश

राज्य उपभोक्ता आयोग

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),बीमा कंपनी को बीमा राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश। राज्य उपभोक्ता आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग जोधपुर द्वितीय के आदेश को रद्द करते हुए अपील मंजूर कर व्यवस्था दी है कि कोरोना रक्षक बीमा पॉलिसी में कोविड पॉजिटिव होने पर बीमा धारक अस्पताल में न्यूनतम 72 घंटे भर्ती रहता है तो बीमा कंपनी को सम्पूर्ण बीमा राशि अदा करनी होगी।

आयोग के न्यायिक सदस्य सुरेन्द्र सिंह और सदस्य रामनिवास सारस्वत ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी पर 25 हजार रुपए हर्जाना लगाते हुए बीमा राशि ढाई लाख रुपए मय 9 फीसदी ब्याज और वाद व्यय पांच हजार रुपए एक माह में अदा करने के आदेश दिए। रिंकेश कर्णावट की ओर से बहस करते हुए अधिवक्ता अनिल भंडारी ने कहा कि जिला आयोग द्वारा पूर्व में परिवाद खारिज किए जाने को राज्य आयोग ने रद्द कर जिला आयोग को निर्देश दिए कि अरिहंत मल्टी अस्पताल और डॉ दीपक भंडारी को पक्षकार बनाते हुए चार बिंदुओं को तय कर निस्तारण का आदेश दिया।

अधिवक्ता भंडारी ने कहा कि अस्पताल और डॉक्टर ने चारों बिंदु का जवाब और साक्ष्य पेश किया, लेकिन जिला आयोग ने चारों बिंदु,जो कि अपीलार्थी के पक्ष में थे,उनकी अनदेखी करते हुए मानवीय आधार पर महज पचास फीसदी राशि का परिवाद मंजूर कर गलत किया है सो अपील मंजूर की जाएं। बीमा कंपनी की ओर से कहा गया कि मरीज को अस्पताल के आई सी यू में भरती किए जाने की जरूरत ही नहीं थी।

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राज्य उपभोक्ता आयोग ने अपील मंजूर करते हुए बीमा कंपनी पर 25 हजार रुपए हरजाना लगाते हुए कहा कि डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज की रपट से स्पष्ट है कि मरीज कोरोना पॉजिटिव था और अस्पताल में 25 से 29 अप्रैल 2021 तक भरती रहा। अस्पताल और डॉक्टर के जवाब पर गौर किए बिना ही आधी राशि ही बिना युक्तियुक्त कारण के दिलाया जाना न्यायोचित नहीं है,जबकि बीमा पॉलिसी में कोविड पॉजिटिव और न्यूनतम 72 घंटे अस्पताल में भर्ती की ही शर्त है और भारत सरकार के दिशानिर्देशानुसार बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर पाई कि संबंधित अस्पताल में कोविड रोगी को भर्ती नहीं किया जा सकता हो। उन्होंने बीमा कंपनी को एक माह में संपूर्ण बीमा राशि ढाई लाख रुपए मय 9 फीसदी ब्याज और वाद व्यय पांच हजार रुपए पूर्व में अदा की गई राशि को समायोजित करते हुए अदा करने का आदेश दिया।

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