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कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पहुंचे कृषि विश्वविद्यालय पेंशन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज) कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा शनिवार को कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर में कुलगुरु प्रो डॉ वीएस जैतावत एवं विश्वविद्यालय के डीन,निदेशक व अधिकारियों से रूबरू हुए। उनके आगमन पर कुलगुरु प्रो जैतावत ने उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर कुलगुरु प्रोफेसर जैतावत ने विश्वविद्यालय में कृषक हित में किए जा रहे विभिन्न अनुसंधान कार्यों का ब्यौरा दिया। विश्वविद्यालय व पश्चिमी राजस्थान के किसानों के हित में सुझावों पर भी चर्चा की।

सिंचाई की समस्या का हो समाधान 
कुलगुरु प्रो जैतावत ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में सिंचाई की अत्यंत समस्या है,ऐसे में पश्चिमी राजस्थान नदी जोड़ो परियोजना के तहत इस क्षेत्र की लूनी नदी को अन्य नदियों से जोड़ दिया जाए तो सिंचाई की समस्या का समाधान होगा।

उन्होंने कृषि के विद्यार्थियों का हित देखते हुए सुझाव दिया कि ऐसे राजकीय कृषि महाविद्यालय जहां स्टाफ और लैब की कमी है और विद्यार्थियों को आवश्यक व समुचित कृषि ज्ञान उपलब्ध नहीं हो पा रहा ऐसे महाविद्यालयों को कृषि विश्वविद्यालयों को सौंप दिया जाए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिलने के साथ भविष्य के लिए भी उत्कृष्ट कृषि वैज्ञानिक तैयार किये जा सके।

चार दीवारी व जल संग्रहण के लिए हो बजट 
उन्होंने कृषि मंत्री से अनुरोध किया कि विश्वविद्यालय को राज्य सरकार से मिली हुई 108 हैक्टेयर भूमि पर चहारदीवारी व जल संग्रहण करने के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध करवाया जाए ताकि भूमि का उपयोग किसानों के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त बीजों का उत्पादन करने एवं नव अनुसंधान करने के लिए किया जा सके।

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1 से 2 प्रतिशत राशि का आवंटन कृषि विश्वविद्यालयों को करें 
कुलगुरु प्रोफेसर जैतावत ने विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए सुझाव देते हुए कहा कि कृषि मंडियों को मिलने वाले करों में से एक से दो प्रतिशत राशि का आवंटन कृषि विश्वविद्यालयों को किया जाए। इससे किसानों व विद्यार्थियों के लिए उच्च अनुसंधान एवं शिक्षा को मजबूती मिलेगी।

पेंशनरों की समस्या पर की चर्चा 
विश्वविद्यालयों में पेंशनरों की पेंशन संबंधी अत्यधिक समस्या एवं विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय समस्याओं का समाधान करने की बात कही गई। कृषि मंत्री मीणा ने कहा कि इन समस्याओं एवं सुझावों पर ध्यान देकर जल्द ही समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने समस्याओं व सुझावों की तथ्यात्मक रिपोर्ट बनाकर देने की बात भी कही। इस दौरान विश्वविद्यालय के सभी डीन, निदेशक व अधिकारी मौजूद थे।