रेलवे अस्पताल को घुटना प्रत्यारोपण की सर्जरी में सफलता

  • अस्पताल में पहली बार की गई घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी
  • डीआरएम त्रिपाठी ने दी टीम को बधाई
  • इससे जुड़ी बीमारियों के मरीजों को अन्यत्र रैफर मामलों में आएगी कमी

जोधपुर(डीडीन्यूज),रेलवे अस्पताल को घुटना प्रत्यारोपण की सर्जरी में सफलता। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेलवे अस्पताल में सोमवार को पहली बार घुटना प्रत्यारोपण की सफलता पूर्वक सर्जरी की गई। जिससे अब रेल कर्मचारियों और उनके आश्रितों को इस बीमारी हेतु महंगे अस्पतालों में रैफर करने के मामलों में कमी आएगी।

रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसआर बुनकर ने बताया कि महाप्रबंधक अमिताभ के दिशा-निर्देशानुसार डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के विजन व मंडल पर किए जाने वाले नवाचारों से प्रेरित होकर रेलवे अस्पताल प्रशासन ने इस हेतु सकारात्मक प्रयास किए जिसमें सफलता हासिल हुई।

डॉ बुनकर ने बताया कि रेलवे अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ रामाराम व उनकी टीम ने सोमवार को अस्पतला के मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में सेवानिवृत्त गैंगमेट राजेंद्र(64) जो पिछले पांच वर्षों से घुटने के जोड़ों के ऑस्टियो आर्थराइटिस के दर्द से पीड़ित थे,की सफलतापूर्वक सर्जरी कर राहत दिलाई।

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गंभीर दर्द से मिलता है छुटकारा
घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी या आर्थ्रोप्लास्टी,एक शल्य प्रक्रिया है जिसमें घुटने के जोड़ के क्षतिग्रस्त हिस्सों को धातु और प्लास्टिक के कृत्रिम जोड़ (प्रत्यारोपण) से बदला जाता है,जिससे गंभीर दर्द और कार्यक्षमता की कमी से राहत मिलती है।

यह सर्जरी अक्सर ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या चोट के कारण होने वाले घुटने के गठिया के लिए की जाती है,जब अन्य उपचार प्रभावी नहीं होते हैं।सर्जरी के बाद,घुटने की गति में सुधार होता है,दर्द कम होता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है।

घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी क्या है?
यह एक प्रकार की जोड़ प्रतिस्थापन (आर्थ्रोप्लास्टी) सर्जरी है जिसमें घुटने के जोड़ को बनाने वाली हड्डियों के क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटा दिया जाता है।इन हिस्सों को कृत्रिम घटकों से बदल दिया जाता है,जो धातु और प्लास्टिक के बने होते हैं, जिन्हें शरीर की हड्डियों में सीमेंट किया जाता है।

जब घुटने के दर्द और अकड़न से रोगी को गंभीर परेशानी हो,मुख्य रूप से ऑस्टियो आर्थराइटिस (घिसाव) या रुमेटॉइड आर्थराइटिस (सूजन) के कारण होने वाले गठिया में अथवा किसी चोट या अन्य स्थिति के कारण घुटने के जोड़ को नुकसान पहुंचने पर यह सर्जरी की जा सकती है।