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टेलीग्राम ऐप पर पार्ट टाइम जॉब के नाम पर 84 लाख का फ्रॉड

  • धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में प्रकरण दर्ज
  • एसओजी से मिली जीरो नंबर रिपोर्ट पर पुलिस में केस दर्ज

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),टेलीग्राम ऐप पर पार्ट टाइम जॉब के नाम पर 84 लाख का फ्रॉड। शहर के माता का थान स्थित संत लिखमीदास नगर में रहने वाले एक युवक को शातिरों ने ठगी का शिकार बनाया। युवक से 84 लाख रुपए पार्ट टाइम जॉब के नाम ऐंठ लिए गए। शुरूआत एक हजार रुपए से हुई फिर ठगी का ऐसा सिलसिला चला कि वह ठगता रहा। 8 जनवरी को शातिरों को ऑनलाइन 25 लाख रुपए डालना पता लगा है।

पीडि़त ने इस बारे में एसओजी में शिकायत दी फिर वहां से साइबर थाने में रिपोर्ट भेजी गई। साइबर थाना पुलिस ने प्रकरण माता का थान बताकर केस दर्ज करने को कहा। माता का थान पुलिस अब जांच में जुटी है।

थानाधिकारी मोहम्मद शफीक ने बताया कि संत लिखमीदास नगर 80 फीट रोड पर रहने वाले एक युवक से यह ठगी हुई। उसने रिपोर्ट में बताया कि 30 दिसम्बर को उसके मोबाइल पर टेलीग्राम के जरिए पार्ट टाइम जॉब का मैसेज आया था। जिस पर उसने हांमी भर दी। बाद में उसे टेलीग्राम ऐप पर साइट का डाउलोड करने के लिए किसी से संपर्क करवाया,इस तरह वह कई लोगों से संपर्क करता रहा और उसे फिर बिल्डिंगों को प्रमोट करनेे के लिए कहा गया।

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उसे बिल्डिंगों को प्रमोट करने के लिए टास्क दिया गया। पहली बार उससे एक हजार रुपए लिए गए फिर मुनाफा बढ़ाकर दिया गया। इस तरह उसका लालच बढ़ता गया और फिर वह टास्क के नाम पर रकम भेजता रहा। गत 8 जनवरी को उसके द्वारा 25 लाख रुपए ऑन लाइन ट्रांसफर कराए गए। थानाधिकारी मोहम्मद शफीक ने बताया कि पीडि़त युवक से 30 दिसम्बर से लेकर 8 जनवरी के बीच में शातिरों ने 84 लाख रूपए ऐंठ लिए। आखिरकार ठगी का पता लगने पर उसने बाद में रकम भेजनी बंद की।

पहले एसओजी को शिकायत दी 
पीडि़त ने घटनाक्रम को लेकर पहले एसओजी को इसकी शिकायत दी। जिस पर जीरो नंबर एफआईआर बनाकर साइबर थाना को भेजी गई। साइबर थाना पुलिस ने प्रकरण की तफ्तीश में प्रथम दृष्टया पाया कि धोखाधड़ी स्वयं के द्वारा हुई है इस पर बाद में उस एफआईआर को माता का थान पुलिस के समक्ष भेजा गया। थानाधिकारी शफीक मोहम्मद के अनुसार केस धोखाधड़ी एवं आईटी में दर्ज किया गया है। फिलहाल जांच की जा रही है।

पिता ने मकान पर ले रखी थी लिमिट 
रिपोर्ट के अनुसार पीडि़त के पिता ने मकान पर बैंक से लिमिट ले रखी है, जिसका पैसा जमा था। वह उन पैसों को डबल करने के चक्कर में शातिरों के झांसे में फंसता गया।

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