3D लैप्रोस्कोपी से बच्चों की किडनी की बीमारी का सफल इलाज
-एमडीएम अस्पताल के पीडियाट्रिक यूरोलॉजी विभाग की नई उपलब्धि
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),3D लैप्रोस्कोपी (laparoscopy) से बच्चों की किडनी की बीमारी का सफल इलाज। एमडीएम अस्पताल के पीडियाट्रिक यूरोलॉजी विभाग में बच्चों के जन्मजात गुर्दे की चिपकी नली PUJ Obstruction (पीयूजे ऑब्स्ट्रक्शन) के इलाज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विभाग द्वारा अत्याधुनिक 3D लैप्रोस्कोपिक (3D दूरबीन तकनीक) के माध्यम से 6 वर्ष के दो बच्चों की किडनी को सफलता पूर्वक ऑपरेशन किया गया है।
पहले मामले में 6 वर्षीय बालक सुमित में जन्मजात पीयूजे ऑब्स्ट्रक्शन के कारण बाएं गुर्दे में गंभीर हाइड्रोनेफ्रोसिस (गुर्दे में पानी भरना) Hydronephrosis पाया गया। ऑपरेशन से पूर्व किए गए न्यूक्लियर स्कैन में गुर्दे की कार्यक्षमता 24 प्रतिशत पाई गई। कार्यक्षमता संतोषजनक होने पर 3D लैप्रोस्कोपिक पायलोप्लास्टी द्वारा सफल सर्जरी कर गुर्दे को सुरक्षित किया गया।
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दूसरे मामले में 6 वर्षीय बालक निश्कर्ष के प्रारंभिक न्यूक्लियर स्कैन में बायां गुर्दा निष्क्रिय पाया गया। ऐसी स्थिति में तत्काल सर्जरी न करते हुए बच्चे में पहले डीजे स्टेंट (एक प्रकार का तार)डाला गया। तीन माह बाद पुनः किए गए न्यूक्लियर स्कैन में गुर्दे की कार्यक्षमता लगभग 20 प्रतिशत पाई गई,जिससे गुर्दे के पुनः सक्रिय होने की पुष्टि हुई। इसके बाद बच्चे का सफल 3D लैप्रोस्कोपिक पायलोप्लास्टी ऑपरेशन कर किडनी को संरक्षित किया गया।दोनों बच्चों का संपूर्ण उपचार मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत निःशुल्क किया गया।
पीडियाट्रिक यूरोलॉजी (Pediatric Urology) विभागाध्यक्ष डॉ.आरके सारण ने बताया कि पूर्व में इस प्रकार के ऑपरेशन ओपन सर्जरी द्वारा किए जाते थे,जिसमें बड़े चीरे लगते थे और बच्चों को अधिक दर्द व लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता था। 3D लैप्रोस्कोपी तकनीक से अब छोटे चीरे में सटीक सर्जरी संभव हो गई है,जिससे दर्द कम होता है, रिकवरी तेज होती है और बच्चा शीघ्र सामान्य जीवन में लौट आता है।
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इन सफल ऑपरेशनों को डॉ.आर. के.सारण के नेतृत्व में सर्जिकल टीम डॉ.श्रीराम,डॉ.शाहिद,डॉ.लोकेश,डॉ. किशन,डॉ. ईशान एवं डॉ.कुलदीप द्वारा संपन्न किया गया। एनेस्थीसिया टीम में डॉ.गीता,डॉ.अब्बास एवं डॉ. चुन्नीलाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ओटी इंचार्ज सुमेर सिंह तथा नर्सिंग ऑफिसर निर्मला सहित नर्सिंग स्टाफ ने भी सराहनीय सहयोग दिया।
इस अवसर पर अस्पताल अधीक्षक डॉ.विकास राजपुरोहित एवं प्राचार्य डॉ.बीएस जोधा ने चिकित्सा टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सरकारी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक,विशेषज्ञ डॉक्टरों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
