स्वदेशी संकल्प के साथ 250 विद्यार्थी दौड़े
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),स्वदेशी संकल्प के साथ 250 विद्यार्थी दौड़े।राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद की 164वीं जन्म जयंती के अवसर पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद,उच्च शिक्षा मंत्रालय तथा राज्य सरकार से जारी निर्देशों के अनुसार जोधपुर स्थित जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय द्वारा स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया गया।
स्वदेशी जागरण मंच जोधपुर प्रांत के सहप्रचार प्रमुख राधेश्याम बंसल तथा स्वदेशी संकल्प दौड़ के सह समन्वयक प्रख्यात वास्तुशास्त्री एवं प्रो डॉ.क्षितिज महर्षि के अनुसार विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा के निर्देशानुसार यह दौड़ जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पुराने परिसर से नई सड़क तक किया गया। प्रातः 10:00 बजे प्रारम्भ हुई संकल्प दौड़ में विश्वविद्यालय,छात्र सेवा मण्डल, NCC,NSS के लगभग 250 विद्यार्थियों,आचार्यों ने भाग लिया।
स्वदेशी संकल्प दौड़ के समन्वयक प्रोफेसर कृष्ण अवतार गोयल ने बताया कि इस दौड़ के माध्यम से बदलते भारत के साथ-साथ विकसित भारत के लक्ष्य को आत्मसात कराने का प्रयास किया गया। स्वदेशी संकल्प दौड़ के पश्चात विश्वविद्यालय परिसर में छात्र सेवा मंडल द्वारा पांच दिवसीय कलांजलि कार्यक्रम के प्रथम दिवस का कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय के प्रोफेसर रिछपाल सिंह,विशिष्ट अतिथि स्वदेशी जागरण मंच के अनिल वर्मा, आरसीए सदस्य अरिष्ठ सिंघवी, सीबीएस साइबर सिक्योरिटी की सीईओ डॉ.स्वाति वशिष्ठ तथा स्टूडेंट सर्विस बोर्ड की अध्यक्ष रितु जोहरी थी।
कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए SSB की चेयरपर्सन डॉ.रितु जौहरी ने कलाओं के माध्यम से राष्ट्र सेवा में SSB की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा कि कला संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम है। मुख्य अतिथि प्रोफेसर रिछपाल सिंह ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब 4 वर्ष की विदेश यात्रा के बाद स्वामी विवेकानंद भारत आ रहे थे तब पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पहले तो मैं भारत से सिर्फ प्यार करता था लेकिन अब मुझे वहां की मिट्टी और हवा पूजनीय लगती है।
पहनावे पर टिप्पणी करने पर उन्होंने कहा था कि पश्चिमी देशों में टेलर व्यक्ति को जेंटलमैन बनाता है जबकि भारत में व्यक्ति का टैलेंट ही व्यक्ति को जेंटलमैन बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पश्चात्यिकरण का अंधानुकरण नहीं करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का भाव हमारे भवन, भ्रमण,भोजन,आचार व्यवहार और परिवार में होना चाहिए। हमारा जीवन मौलिकता पर आधारित होना चाहिए,न की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर।
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विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनिल वर्मा ने कहा कि विश्व में वही देश अपनी बात कह सकता है जो आर्थिक रूप से मजबूत हो। आरसीए सदस्य तथा जिला क्रिकेट संघ के सचिव अरिष्ठ सिंघवी ने युवाओं को अपनी शक्ति राष्ट्रहित में सदुपयोग करने की आवश्यकता बताई। साइबर सिक्योरिटी सीबीएस साइबर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड की सीईओ स्वाती वशिष्ठ ने उद्यमिता तथा स्वरोजगार के माध्यम से स्वावलंबन को प्राप्त करने की बात कही। स्वदेशी संकल्प दौड़ के समन्वयक डॉ कृष्ण अवतार गोयल ने कहा कि स्थायित्व के साथ विकसित भारत सुनिश्चित करने का एकमात्र रास्ता है स्वदेशी। उन्होंने विद्यार्थियों से नौकर नहीं बल्कि मालिक बनने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर राधेश्याम बंसल ने स्वदेशी संकल्प दिलाया। संचालन विश्वविद्यालय के डॉ.हितेंद्र गोयल ने किया।
कार्यक्रम में स्वदेशी संकल्प दौड़ के सह समन्वयक डॉ.क्षितिज महर्षि, डॉ स्वाति शर्मा,डॉ. विनोद कटारिया, सिंडिकेट सदस्य डॉ.विकल गुप्ता, प्रो संगीता लुंकड़,कमलेश गहलोत, स्वदेशी जागरण मंच युवा प्रमुख रमेश सोनी,महानगर संयोजक सुरेंद्र भादू,अभिषेक प्रजापत सहित बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर तथा छात्र उपस्थित थे।
